मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में तैनात एक लिपिक ने अपनी संपत्ति विभाग में तैनाती के दौरान कारनामा किया। एक के बाद एक ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के चार मकान खरीद डाले। शिकायत के बाद अब मामले की जांच शुरू हो गई है। लिपिक को आरोप पत्र दे दिया गया है और कहा गया है कि वह अपना पक्ष पेश करें। उधर, आरंभिक जांच में दोषी पाए जाने वाले लिपिक ने मकानों की खरीद को नियमानुसार बताते हुए कहा कि एमडीए में और भी कई लिपिक हैं जिन्होंने एमडीए की ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान खरीद रखे हैं। मेरे अकेले की जांच क्यों हो रही है।
एमडीए यह मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे अन्य कर्मचारियों में भी बैचेनी है। सचिव प्रेरणा शर्मा ने बताया कि लिपिक अर्जुन सिंह के खिलाफ शिकायत मिली है। शिकायत की पड़ताल की गई तो प्रथमदृष्ट्या पाया कि उन्होंने संपत्ति पटल पर तैनाती के दौरान एमडीए की ईडब्ल्यूएस की संपत्ति जुटाई। वर्ष 2001 से 2008 तक उन्होंने 4 संपत्तियां लीं। एक के बाद एक 4 आवासों के बैनामे किए । 2 संपत्तियां अपने नाम. एक अपनी पत्नी के नाम तथा एक अपनी बेटी के नाम खरीदी। महकमे को अंधेरे में रखा और संपत्ति खरीदने से पूर्व इसकी कोई अनुमति विभाग से नहीं ली गई। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण दुर्बल आय वर्ग के लोगों के लिए आवास तैयार करता है लेकिन उसकी भी खरीद फरोख्त एमडीए कर्मियों द्वारा ही करने का मामला सामने आने से हड़कंप की स्थिति है। शहर के शहर की अलग-अलग कॉलोनियों रामगंगा नगर अवंतिका आशियाना में संपत्ति खरीदी गई है। इस मामले की प्रारंभिक जांच अधिष्ठान प्रभारी कर चुके हैं और उनमें इन आरोपों की पुष्टि हुई है लिहाजा अब विस्तृत जांच शुरू कराई गई है। लिपिक को संपत्ति विभाग से हटा दिया गया है और उन्हें अभिलेखागार में तैनात कर दिया गया है।
आरोप पत्र दिया, 11 को बुलाया
इस मामले में आरोपी लिपिक को आरोप पत्र दे दिया गया है जांच अधिकारी अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि 11 जुलाई को लिपिक को बुलाया गया है कि वह अपना पक्ष पेश करें
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लिपिक अर्जुन सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने यानी एक के बाद एक चार प्लॉट खरीदने का मामला सामने आया है । इसकी विस्तृत जांच अधीक्षण अभियंता को सौंपी गई है और लिपिक आरोप पत्र दे दिया गया है - प्रेरणा शर्मा सचिव एमडीए
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मेरी अकेले की नहीं सभी की जांच होनी चाहिए। ऐसे बहुत सारे लिपिक हैं जिन्होंने ईडब्ल्यूएस की काफी संपत्तियां खरीदी हैं। फिर मेरी अकेले की जांच क्यों की जा रही है । हालांकि जो संपत्ति मैंने खरीदी है वह नियमानुसार खरीदी है और मैं उसके सही दस्तावेज भी पेश कर दूंगा । लेकिन यह ठीक नहीं है। अर्जुन सिंह लिपिक
आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकता है एमडीए
40 करोड़ की जमीन हाथ से जाने के मामले में दस्तावेज तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। लगभग 40 करोड़ की जमीन का दावा हाईकोर्ट में हार जाने के बाद एमडीए ने अब कमर कस ली है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका के लिए दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं और आज सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत याचिका दायर की जा सकती है । इसके लिए उच्चाधिकारियों से भी बात की जा रही है।
दरअसल शहर से सटे गांव शाहपुर तिगरी में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को 42587 वर्ग मीटर जमीन सीलिंग की मिली थी लेकिन हाईकोर्ट में इस जमीन पर दावा एमडीए हार गया। हाईकोर्ट में एमडीए यह बात साबित नहीं कर पाया कि इस जमीन पर उसका भौतिक कब्जा है। जबकि विरोधी पक्ष का यह दावा था कि जमीन पर एमडीए का ना होकर उसका कब्जा है। इस जमीन की कीमत 40 करो? से भी ज्यादा है। एमडीए को बड़ा झटका इसलिए भी लगा क्योंकि एमडीए इस जमीन पर 800 प्रधानमंत्री आवास बनाने की तैयारी कर रहा था । उसकी डीपीआर भी मंजूर हो चुकी थी लेकिन हाईकोर्ट में इस हार के बाद एमडीए का सारा प्लान धूमिल हो गया। हालांकि एमडीए ने इस जमीन पर फिर से अपनी दावेदारी करने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा रही है । बुधवार को एमडीए अधिकारियों ने याचिका संबंधी ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया और इसे सहमति के लिए वीसी यानी जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के पास भेजा गया है । यदि वहां से इसे फाइनल स्वीकृति मिल जाती है तो तो एमडीए बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कह रहा है । अधिकारियों का कहना है कि यह बेशकीमती जमीन है और एमडीए की है। सुप्रीम कोर्ट में यह बात साबित कर दी जाएगी ।
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हमने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और अंतिम सहमति के लिए वीसी के पास भेजा है यदि सब कुछ ठीक रहा तो हम गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर देंगे- प्रेरणा शर्मा, सचिव एमडीए