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मंत्रिमंडल : पुराने पर दांव या नए को मिलेगा मौका

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मुरादाबाद। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में मंडल के जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ने के आसार है। इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में मंडल से नए चेहरों को माैका मिलेगा या फिर पुराने चेहरों पर दांव लगाया जाएगा। इसकी चर्चाएं मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक है। फिलहाल मंडल के जनप्रतिनिधि दिल्ली और लखनऊ में पार्टी के बड़े नेताओं को साधने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद यूपी मंत्रिमंडल के विस्तार की चल रही चर्चाओं को बल मिला है। चर्चाओं के मुताबिक 17 जनवरी को मंत्रिमंडल के विस्तार के आसार हैं। इसके बाद मंडल के जनप्रतिनिधियों के मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल माैजूदा मंत्रिमंडल में रामपुर और संभल के जनप्रतिनिधियों को सहभागिता मिली है। इसमें चंदाैसी से गुलाब देवी और बिलासपुर से बलदेव सिंह औलख शामिल हैं। मंडल के बाकी जिले मंत्रिमंडल से बाहर हैं।
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आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब मंत्रिमंडल विस्तार में मंडल की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में मंडल में सपा की तुलना में भाजपा का प्रदर्शन खराब रहा था। ऐसे में मंत्रिमंडल में मंडल के दूसरे जिलों के जनप्रतिनिधियाें को भी जगह मिल सकती है। इसमें नए चेहरों को तर्जी मिलेगी या फिर पुराने चेहरों पर दांव लगेगा। इस पर मंथन चल रहा है। पुराने चेहरों में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चाैधरी और एमएलसी अशोक कटारिया के नाम प्रमुख है। जबकि नए चेहरों में रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह, बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह, एमएलसी सत्यपाल सैनी, रामपुर विधायक आकाश सक्सेना, धनाैरा विधायक राजीव तरारा आदि शामिल है।

रितेश गुप्ता को मुरादाबाद जिले में पार्टी का खाता खोलने का तोहफा मिल सकता है। वहीं कुंदरकी में भाजपा का वनवास खत्म करके रामवीर सिंह ने मजबूत दावेदारी पेश की है। आजम खां का किला ध्वस्त करने वाले आकाश सक्सेना भी दावेदारों में शामिल हैं।
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मंडल की 17 सीटों पर भाजपा को मिली थी हार

मुरादाबाद। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदेश में भले ही शानदार प्रदर्शन रहा हो, लेकिन मंडल में पार्टी का प्रदर्शन 2017 के मुताबिक नहीं रहा था। मंडल की 27 में सिर्फ 10 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। 17 सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार में मंडल को तर्जी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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