रेलवे स्टेशन के सामने हाईवे किनारे पहली मंजिल पर दास गेस्ट हाउस है। इसमें एक बड़ा हॉल है, जिसमें पांच बेड हैं। यहां लोग ठहरते हैं। नीचे एक पीसीओ है और उसी में मोबाइल पार्ट्स की बिक्री होती है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में जो पता चला है उसके मुताबिक पीसीओ में शॉट सर्किट हुआ है और आग फैल गई। पहले दास गेस्ट हाउस तक आग पहुंची और फिर बगल में विक्रम बिस्तर सप्लायर (गेस्ट हाउस) तक फैल गई। इन दोनों गेस्ट हाउस में पांच-पांच लोग ठहरे हुए थे जो हॉल तक आग पहुंचने से पहले ही निकलकर बाहर आ गए।
कुछ ही देर में दोनों गेस्ट हाउस धू-धूकर जलने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई। आसपास की सभी दुकानों को भी खाली करा लिया गया था। दमकल की छह गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। स्थिति यह रही कि रेलवे स्टेशन से पीएसी तिराहे तक और दूसरी ओर डबल फाटक तक लंबा जाम लग गया। हालांकि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन गेस्ट हाउस का सभी सामान जलकर राख हो गया। पुलिस का कहना है कि आग से कितने का नुकसान हुआ, अभी इसका आकलन बाकी है।
जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है। पहले आग पीसीओ में लगी। लकड़ी और प्लाईवुड से दुकान बनी होने के कारण आग ऊपर तक फैल गई। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। - डॉ. राजीव कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
कमरे में भरा धुंआ, घुटने लगा था दम
दास गेस्ट हाउस और विक्रम बिस्तर सप्लायर में बुधवार की रात अचानक लगी आग से कमरों में धुंआ भर गया था। इस दौरान दोनों गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों का दम घुटने लगा। सांस लेने में दिक्कत हुई तो सभी किसी तरह जान बचाकर बाहर आ गए। बताया जाता है कि दोनों गेस्ट हाउस में पांच-पांच लोगों के ठहरने का इंतजाम है। बुधवार रात जब आग लगी तो यहां करीब दस लोग मौजूद थे। लोगों का कहना था कि सभी सो रहे थे। अचानक से कमरे में धुंआ भर गया। इसके बाद अफरातफरी मच गई।
गेस्ट हाउस में मौजूद रहे फैजाबाद निवासी कन्हैया लाल ने बताया कि वह गहरी नींद में सो रहे थे। मुरादाबाद में रेलवे की परीक्षा देने आए थे। बृहस्पतिवार की सुबह उन्हें एमआईटी में परीक्षा देनी है। कन्हैया लाल के मुताबिक वह कमरे में सो रहे थे। अचानक कमरे में धुंआ भर गया। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बाद किसी तरह जान बचाकर कमरे से निकलकर बाहर आया।
जल गया प्रवेशपत्र, पैरों में चप्पल भी नहीं
कन्हैया लाल ने बताया कि गेस्ट हाउस में आग लगने से उनका सारा सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि प्रवेशपत्र, कपड़े, पैसे, मोबाइल सब जल गए। वह नंगे पैर ही बार निकल आए। पैरों में चप्पल तक नहीं थे। टीशर्ट और गमछा ही शरीर पर बचा है। बाद में पुलिस ने उसके लिए कपड़े और खाने का इंतजाम कराया।