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सामूहिक विवाह योजना: कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर गाज गिरने की आशंका

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मुरादाबाद। सामूहिक विवाह मामले में जिला प्रशासन की तरफ से की गई जांच में काफी गड़बड़ियां मिली हैं। इस कारण कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर गाज गिरने की आशंका है। इधर बृहस्पतिवार को आई शासन की टीम ने 11 जोड़ों से पूछताछ कर विभाग के अधिकारियों का तनाव और बढ़ा दिया है। टीम अभी पूरे सप्ताह पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी आधार पर शासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि प्रत्येक जोड़े की त्रिस्तरीय जांच कराई गई है। लेकिन जांच के दौरान भ्रष्टाचार की परतें खुलती जा रही हैं। वहीं प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरूण द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार को जिले में धमक पड़ी। टीम ने समाज कल्याण अधिकारियों से वार्ता करने के बाद लाभार्थियों की सूची ली। इस दौरान समाज कल्याण अधिकारियों से सवाल पूछे गए। टीम ने मूंढापांडे क्षेत्र के गांवों के 11 जोड़ों से पूछताछ की। जांच में पहले दिन ही गड़बड़ी प्रकाश में आई लेकिन अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। इनमें किसी की शादी छह माह पहले हो चुकी थी तो किसी की तीन महीने पहले की थी। जांच टीम द्वारा किए जा रहे सत्यापन में कई नए खुलासे होने के आसार हैं। जिला प्रशासन की जांच के बारे मेंं शासन के अधिकारियों ने जानकारी ली है। इसी आधार पर जांच कार्रवाई आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मुरादाबाद बुद्धि विहार परिसर में चार और आर्केडिया में पांच दिसंबर को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। इस मामले में कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह ने प्रभारी मंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। डीएम ने इस मामले में सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी को जांच कराने के आदेश दिए थे। सीडीओ ने डीडीओ जीबी पाठक के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच कराई। जिले के 30 अधिकारियों की टीम ने बिलारी और कुंदरकी ब्लाॅक की 808 शादियों का सत्यापन किया। इसके बाद कई गड़बड़ियां सामने आईं। इस मामले में मूंढापांडे क्षेत्र के दो एडीओ को पहले ही हटाया जा चुका है। जिला प्रशासन की जांच में 35 जोड़े अपात्र पाए गए हैं। इसी वजह से कई और अधिकारी घिरते जा रहे हैं। जिले में 50 प्रतिशत से अधिक कागजी शादी के मामले मूंढापांडे ब्लाक में मिले हैं। शासन की जांच के बाद दोबारा शादी करने वाले जोड़ों से वसूली भी की जाएगी। इसके ही आधा अधूरा और नकली सामान सप्लाई के मामले में ठेकेदारों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शुक्रवार को टीम अन्य गांवों में जाकर जांच करेगी। शासन की टीम 12 फरवरी को पूरी रिपोर्ट समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण को सौंपेगी। इसके बाद ही शासन कार्रवाई करेगा।
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