कहते हैं जोड़ियां ऊपर वाला तय करता है। इंसान चाहे जितनी मुखालफत कर ले लेकिन दो इंसानों को जब ऊपर वाला एक करना चाहता है तो वे एक होकर ही रहते हैं। ऐसा ही वाकया शुक्रवार की देर रात मुगलपुरा थाने में पेश आया जब थाने में दो प्रेमियों का निकाह पढ़ाया गया।
मुगलपुरा थाना क्षेत्र में मोहल्ला बरवलान निवासी हसीन जहां पुत्री तस्सदुक हुसैन शुक्रवार को देर रात अपने प्रेमी मोहम्मद उस्मान पुत्र मुनव्वर हुसैन के साथ मुगलपुरा थाने पहुंची। युवती के साथ पास पड़ोस के कुछ लोग भी थे। युवती ने इंस्पेक्टर मुगलपुरा से कहा कि वह बालिग है और उस्मान से प्यार करती है।
उसी से शादी करना चाहती है लेकिन उस्मान के विकलांग होने की वजह से उसके पिता व बाकी परिजन इस निकाह के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि दोनों की बिरादरी एक ही है। पुलिस ने युवक और युवती दोनों के परिजनों को थाने बुला लिया। युवती के पिता ने बेटी को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। जिसके बाद युवती का पिता बेटी से नाता तोड़ने की बात कहकर थाने से चला गया।
इंस्पेक्टर मुगलपुरा ने बताया कि एक काजी को निकाह पढ़ाने के लिए बुलाया गया था जो बिना निकाह पढ़ाए लौट गए। इसके बाद दूसरे काजी को बुलाया गया तो उन्होंने निकाह पढ़वाई। दूल्हा-दुल्हन ने एक दूसरे का साथ कबूल फरमाया। इसके बाद थाने में जुटे लोगों ने कहा आमीन! छुहारे भी बंटे।