दहेज की खातिर कांठ थानाक्षेत्र की युवती को बिजनौर में उसके ससुराल वालों ने जलाकर मार दिया। सूचना पर कांठ पुलिस ने सोमवार को युवती के शव का मुरादाबाद में पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि है कि युवती की मौत जलने की वजह से हुई है। इस मामले में पति समेत चार के खिलाफ बिजनौर के नूरपुर थाने में केस दर्ज करवाया गया है।
कांठ थाने के गांव गढ़ी निवासी इस्लाम ने अपनी बेटी हिना (27) का विवाह 2013 में निकटवर्ती जनपद बिजनौर के थाना नूरपुर क्षेत्र के गांव रैहटा बिल्लोच निवासी इस्लाम कुरैशी के साथ किया था। आरोप है कि विवाह में दिए गए दहेज से हिना का पति व ससुराल वाले खुश नहीं थे। वह उसे आए दिन प्रताड़ित करते रहते थे। मायके वालों का आरोप है कि शनिवार की रात्रि हिना अपने कमरे में सोई थी। तभी उसके पति व ससुराल वालों ने उसके ऊपर तेजाब डाल दिया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। सूचना पर मायके वाले पहुंचे।
उनका आरोप है कि झुलसी हुई हालत में उसके ससुरालिया उसे ठिकाने लगाने के इरादे से कहीं ले जा रहे थे। गोहावर-नूरपुर रोड पर आमना सामना होने पर ससुराल वाले उसे वाहन में छोड़कर भाग गए। इसके बाद हिना के पिता व भाई उसे बिजनौर ले गए। वहां से रेफर किए जाने के बाद उसे उपचार के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रविवार को उसने दम तोड़ दिया। मायके वालों ने बताया कि वह शव को गढ़ी ला रहे थे तो मृतका के पति व रिश्तेदारों ने उनसे रास्ते में शव छीनने की कोशिश की। रात को शव गढ़ी पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतका के पिता व भाईयों की सूचना पर सोमवार की सुबह सीओ कांठ शिवकुमार थाना फोर्स के साथ पहुंचे।
पिता की तहरीर पर कांठ पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं कांठ थाने के प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कमार ने बताया कि नूरपुर थाने में पति इस्लाम, चचेरे देवर इरशाद, ननद रोशन तथा नूरसबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। हालांकि पोस्टमार्टम में यह साफ हुआ है कि तेजाब डालने से नहीं बल्कि अन्य ज्वलनशील पदार्थ केरोसीन जैसी चीज के जलने हिना उसकी मौत हुई है।
जिस आंगन में कभी खेलती थी लाडली उसी में शव देख सब बेहाल
जिस आंगन में कभी बेटी हिना की किलकारी गूंजती थी। आज उसी आंगन में बेटी का निर्जीव शरीर रखा देखकर हर ओर कोहराम मचा था। जिस दरवाजे से कभी बेटी की डोली रुखसत हुई थी उसी दरवाजे से जब बेटी का शव आया तो वृद्धा मां हाजिरा दहाड़ मारकर बेहोश हो गई। जिन भाईयों सुऐब, शानू, तालिब, फकरुद्दीन, मो.कासिम ने बड़े अरमानों से बहन की डोली को विदा किया था आज उसी प्यारी बहन का शव उनके सामने पड़ा हुआ था। भाईयों के साथ पिता मुस्तकीम भी अपने को संभाल नहीं पा रहे थे। पिता ने रोते हुए कहा कि कई बार तो मांग पूरी की थी। अब भी कर देते चाहे उन्हें अपना घर ही क्यों न बेचना पड़ता। लेकिन वह लोग मेरी बेटी की जान तो बख्श देते। इधर मोहल्ले भर में मातम छाया हुआ था। शाम को पोस्टमार्टम से शव आने के बाद मायके में ही उसे सुपुर्दे खाक किया गया। ब्यूरो
...तीन बच्चों से छिना मां का आंचल
कांठ। हिना के तीन बच्चे हैं। इनमें से दो बच्चे तो समझ रहे थे कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। लेकिन सात माह का बेटा इससे अंजान था। दहेज की भेंट चढ़ी हिना का सबसे बड़ा बेटा अरमान मात्र पांच साल का, बेटी आयात तीन साल की और सबसे छोटा बेटा जीयान मात्र सात महीने का ही है।