मंगेतर ने कोर्ट मैरिज करने से इनकार किया तो युवती का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। वह घंटों से कचहरी में मंगेतर का इंतजार कर रही थी। इसके बाद भी वह नहीं आया तो युवती ने कचहरी में हंगामा शुरू कर दिया। वह जोर-जोर से चीखने लगी। पुलिस उसे थाने ले आई। युवती ने थाने में भी अपना सिर दीवार में मारने की कोशिश की। युवती ने कहा कि अगर उसकी शादी मंगेतर से नहीं हुई तो वह मर जाएगी। वह जी नहीं पाएगी। पुलिस ने युवती को समझाकर उसकी मां के साथ भेज दिया है।
युवती सिविल लाइंस क्षेत्र की रहने वाली है। वह एक कालेज में पढ़ाती है। सिविल लाइंस क्षेत्र में मिशन कंपाउंड निवासी युवक से दो साल से उसके प्रेम संबंध हैं। दोनों ने अपने अपने परिवार में इसकी जानकारी दी और शादी करने की इच्छा जताई। युवती की मां ने बताया कि छह माह पहले दोनों का रिश्ता तय कर दिया था, लेकिन बाद में युवक शादी करने से इनकार करने लगा। उसने कहा कि उसके परिजन शादी के लिए राजी नहीं हैं। दो दिन पहले दोनों के बीच तय हुआ था कि गुरुवार को कचहरी में कोर्ट मैरिज करेंगे।
युवती अपनी मां को साथ लेकर कचहरी पहुंच गई। यहां युवती अधिवक्ता के चैंबर पर घंटों बैठी रही। उसने मंगेतर को कई बार कॉल की। वह हर बार बहाना बनाता रहा। उसने कहा कि उसका आधार कार्ड नहीं मिल रहा है। उसके बिना कोर्ट मैरिज नहीं हो पाएगी। युवती ने कहा कि उसके आधार कार्ड की कॉपी मेरे मोबाइल में है। उससे काम चल जाएगा। इसके बाद भी युवक नहीं पहुंचा। बाद में मंगेतर ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जिससे युवती परेशान हो गई और वह हंगामा करने लगी। उसने अपनी जान देने की कोशिश भी की। जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर नवल मारवाह महिला दरोगा और महिला सिपाही को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और युवती को थाने ले आए। यहां भी युवती ने हंगामा किया। किसी तरह पुलिस कर्मियों ने उसे समझाकर शांत किया। इंस्पेक्टर नवल मारवाहा ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। युवती के परिजनों ने दस दिन का समय मांगा है। वह दस दिन में शादी कर लेंगे। इसके बाद युवती उसकी मां की सुपुर्दगी में दे दी है।