मुरादाबाद। शहर के प्रमुख बाजार जाम, अघोषित बिजली कटौती, पार्किंग व बदहाल यातायात व्यवस्था से जूझ रहे हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि अब इसका असर व्यापार, ग्राहकों की आवाजाही व बाजारों की व्यवस्था पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि पिछले पांच साल से प्रशासन और व्यापारियों की बैठक में इन मुद्दों को उठाया जा रहा है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से करीब 550 व्यापारी जुड़े हैं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख बाजारों में सबसे बड़ी समस्या जाम और अव्यवस्थित यातायात की है। चौमुखापुल, बर्तन बाजार, गंज बाजार समेत अन्य बाजारों में ई-रिक्शाओं के अनियंत्रित संचालन से जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार प्रशासन से ई-रिक्शा को जोनवार संचालित करने की मांग की गई, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने से सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं और इससे ग्राहकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई ग्राहक खरीदारी किए बिना वापस लौट जाते हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।
व्यापारियों ने अघोषित बिजली कटौती को भी बड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली आपूर्ति बाधित होने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा बाजारों के ऊपर मकड़जाल की तरह फैले जर्जर बिजली के तार हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा कर रहे हैं। व्यापारी बताते हैं कि कई वर्षों से नालियों की ठीक से सफाई नहीं कराई गई, जिससे बाजारों में गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। उनका कहना है कि बर्तन बाजार में महिलाओं, ग्राहकों और दुकानदारों के लिए सार्वजनिक शौचालय तक नहीं हैं। भीषण गर्मी के बावजूद बाजारों में पीने के पानी के लिए प्याऊ जैसी सुविधा तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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व्यापारी बोले..
-बाजार की सबसे प्रमुख समस्या जाम है। कई सालों से बाजारों की नालियों की सफाई भी नहीं हुई। गंदगी और बदबू से हालात खराब हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभाग बिल्कुल गंभीर नजर नहीं आता।- अजय अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं महानगर अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-शहर के बाजारों में जाम की समस्या कई साल से बनी हुई है। कई बार प्रशासन से मांग की गई, लेकिन आज तक ई-रिक्शा संचालन और यातायात व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।-पवन अग्रवाल, महानगर चेयरमैन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से ग्राहक परेशान होकर लौट जाते हैं। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।-सुभाष जैन, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-अघोषित बिजली कटौती से दुकानदारों का काम प्रभावित होता है। बिना सूचना बिजली जाने से कारोबार में नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार शिकायत की, लेकिन स्थिति जस की तस है।-प्रदीप बंसल, मंडल महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-पिछले कई साल से जाम, ई-रिक्शा संचालन और पार्किंग की समस्या, शौचालय की समस्या के समाधान को लेकर प्रशासन से मांग कर रहे हैं। लेकिन हर बैठक में सिर्फ आश्वासन मिलता है।-अमरीश अग्रवाल, महानगर महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-बाजारों में बिजली के तार जाल की तरह फैले हुए हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है।-गोपाल अग्रवाल, जिला अध्यक्ष(युवा), उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-सार्वजनिक शौचालय न होने से ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी होती है। इतना बड़ा बाजार होने के बावजूद सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की जा रही है।-प्रदीप गुप्ता, जिला महामंत्री(युवा), उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-बिजली की कटौती, जर्जर तार समेत अन्य समस्याएं बनी हुई हैं। प्रशासन को इसका जल्द समाधान करना चाहिए। अगर समाधान नहीं हुआ तो व्यापारियों की समस्याएं बढ़ जाएंगी।-विकास गुप्ता, महानगर मंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
-गर्मी के मौसम में बाजारों में पीने के पानी के लिए प्याऊ तक की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को दिक्कत होती है। पानी की व्यवस्था की कई बार मांग की गई है।-संजय सहगल, कार्यालय मंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल