अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटी मारीषा ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड में स्टाफ के सभी लोगों ने परिवार के सदस्य की तरह उसका ख्याल रखा। उसे कभी एहसास नहीं होने दिया वह अस्पताल में भर्ती है। उसने कहा कि यदि किसी में कोरोना के लक्षण हैं वह अपनी जांच जरूर कराएं, ताकि संक्रमण से खुद के अलावा समाज को बचाया जा सके। मारीषा ने कहा कि अस्पताल में 23 दिन उसके लिए यादगार हैं। उसके पास किताबें पढ़ने और दुनिया जहान को जानने का पूरा मौका मिला। उसने इसका फायदा उठाया।
मारीषा शुक्ला के इलाज की प्रोफाइल
15 मार्च को फ्रांस से लौटी
17 मार्च को मूंढ़ापांडे अपने रिश्तेदार होमगार्ड चेतन चौहान के घर पहुंची
19 मार्च को बुखार, जुकाम के बाद जिला अस्पताल में भर्ती हुई
21 अप्रैल को कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आई
29 को दूसरा सैंपल भेजा और पाजिटिव रिपोर्ट आई।
2 अप्रैल को सैंपल भेजा पांच को निगेटिव रिपोर्ट आई
5 अप्रैल को तीसरा सैंपल भेजा और 10 अप्रैल को निगेटिव रिपोर्ट