मुरादाबाद। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मन्नान और यूनुस के मंसूबे खौफनाक थे। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद उन्होंने उस रात की सनसनीखेज घटना की कहानी सुनाई तो सभी सन्न रह गए। मन्नान ने बताया कि नजारत की हत्या करते वक्त समरीन जाग गई थी। उसने पिता को बचाने का प्रयास किया तो समरीन के पेट में छुरी घोंप दी। लहूलुहान समरीन चीखते हुए बोली, मैं बच तो जाऊंगी। इस पर मन्नान ने कहा था अगर तू बचेगी तो हम नहीं बच पाएंगे। इसके बाद मन्नान ने चापड़ और यूनुस ने छुरी से समरीन पर ताबड़तोड़ वार किए। हत्यारोपियों को खुद नहीं पता कि उन्होंने युवती पर कितने वार किए थे।
मन्नान ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बारा वफात वाले दिन मैंने यूनुस से कहा कि मोहल्ले के सभी लोग जुलूस देखने जाएंगे। घटना को अंजाम देने का मौका अच्छा है। उसने पुलिस को बताया कि पड़ोसी शहजाद जहीर की बंद पड़ी प्रिंटिंग प्रेस व मकान की छत है। उस पर नीचे से आसानी से चढ़ा जा सकता है। उनकी छत से मन्नान की छत की ओर एक झरोखा खुला है।
प्लानिंग के मुताबिक करीब ढाई बजे यूनुस शहजाद जहीर की छत पर पहुंच गया था। जब मन्नान के घर के सभी सदस्य सो गए तो उसने यूनुस को झरोखे से अंदर ले लिया था। इसके बाद दोनों आरोपी नजारत की मकान की छत पर पहुंचे और यहां से रात करीब तीन बजे नजारत के मकान में उतर गए थे। घर में नजारत और समरीन गहरी नींद में सो रहे थे। यूनुस ने सोते हुए नजारत की गर्दन पर छुरी से वार किया। आहट होने पर समरीन जाग गई। उसने मन्नान को पहचान लिया। इस पर तपाक से यूनुस ने छुरी समरीन के पेट में घोंप दी। वह लहूलुहान हो गई और घबराकर बोली कि मैं बच तो जाऊंगी। इस पर मन्नान ने कहा कि अगर तू बच गई तो हम नहीं बच पाएंगे। इसके बाद दोनों ने समरीन पर ताबड़तोड़ वार किए थे। दोनों की हत्या करने के बाद घर में लूटपाट करने के बाद दोनों वहां से भाग निकले।