मुरादाबाद। निकाय चुनाव की तैयारी के बीच जिले में सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। नगर पालिका कुंदरकी और नगर पंचायत उमरी कलां की चेयरमैन के पति सोमवार को एआईएमआईएम में शामिल हो गए। दोनों ने हैदराबाद जाकर पार्टी मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। दोनों नेताओं के इस कदम से क्षेत्र में सियासी बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नगर पालिका कुंदरकी से मौजूदा समय में जीनत मेहंदी चेयरमैन हैं। वह सपा टिकट पर चुनाव जीत कर नगर पालिका अध्यक्ष पद की कुर्सी पर पहुंची हैं। इससे पहले उनके पति मेहंदी हसन 2012 से 2017 तक नगर पालिका कुंदरकी के चेयरमैन रह चुके हैं। वर्ष 2017 में चेयरमैन का पद महिला के लिए आरक्षित हो जाने से उन्होंने अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतार कर चेयरमैन की कुर्सी पर बैठाया। नगर की सियासत में उनकी गिनती बेहतर जनाधार वाले नेताओं में की जाती है। पिछले दस साल से नगर पालिकी की कुर्सी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से उन्हीं के पास रही है। पूर्व विधायक हाजी रिजवान के करीबियों में भी उनकी गिनती होती है। हाजी रिजवान का 2022 में सपा से टिकट कट गया था। वह बसपा से चुनाव लड़े थे। जिसके बाद मेहंदी हसन ने भी साइकिल से उतर हाथी पर सवार हो गए थे और हाजी रिजवान को चुनाव लड़ाया था।
कांठ विधानसभा क्षेत्र की उमरीकलां नगर पंचायत सीट से मौजूदा समय में अमीर जहां नगर पंचायत चेयरमैन हैं। उनके पति शहजाद खां की गिनती भी क्षेत्र के जनाधार वाले नेताओं में की जाती है। वर्ष 2017 में चेयरमैन की सीट महिला होने के कारण उन्होंने अपनी पत्नी को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतार कर चेयरमैन बनवाने में कामयाबी हासिल की। मौजूदा समय में वह राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े थे। वर्ष 2022 में वह कांठ विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोकदल से टिकट भी मांग रहे थे। लेकिन सपा-रालोद गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में चली गई थी। दोनों नेताओं ने बताया कि उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की नीतियों, सिद्धांतों और उनकी इंसाफ पसंद बातों से प्रभावित होकर उनकी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। सपा, बसपा और रालोद समेत अन्य पार्टियों की कथनी और करनी में काफी अंतर है। निकाय चुनाव से ठीक पहले दोनों नेताओं के इस पाला बदल की जिले में खासी चर्चा है।
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