पीतलनगरी को वैश्विक पहचान दिलाने वाले दस्तकार और कारीगर नोटबंदी की मार से त्रस्त हैं। काम ठप पड़ा हुआ तो खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। सोमवार को एमएसएमई मिनिस्टर से क्लस्टर उद्घाटन के समय दस्तकारों और कारीगरों ने ज्ञापन सौंपा।
इसमें नोटबंदी से होनी वाली परेशानी के समाधान के तौर पर कारीगरों को उधार राशन दिलाए जाने की मांग रखी। हजार और पांच सौ के नोट बंद होने के कारण मुरादाबाद के कारीगरों की हालत खराब हो रही है।
पुराने नोट नहीं चलने के कारण कारीगर उन्हें बदलने के लिए काम छोड़कर बैंकों की लाइन में लग रहे हैं। इससे बचने के लिए उन्होेंने पुराने नोट पर काम करना बंद कर दिया है। छोटी करेंसी की कमी के कारण कारखानेदार भी मजबूर हैं। ऐसे में काम की दर बहुत घट गई है।
काम बंद होने और आधा रह जाने से उनकी हालत खराब हो रही है। हर दिन मिलने वाली मजदूरी से परिवार चलता है। लेकिन सामान लाना मुश्किल हो रहा है। एमएसएमई मंत्री नितिन अग्रवाल को ब्रास आर्टीजन सोसाइटी के अध्यक्ष सैयद गानिम मियां के निर्देशन में दस्तकारों ने ज्ञापन दिया।
मंत्री जी से वार्ता के दौरान दस्तकारों ने कहा कि उनका काम ठप होने से निर्यात पर भी असर पड़ रहा है। जब तक नोटों की समस्या दूर नहीं हो जाती तब तक के लिए सरकारी राशन की दुकानों से उन्हें राशन उधार दिलाया जाए।
मांग थी कि आर्टीटन कार्ड धारक को दुकान पर कार्ड दिखाकर उधार राशन मिल जाए। अगले महीने जब वे राशन लेने जाएंगे तब तक रुपयों का इंतजाम हो जाएगा तो वे उधार चुकता कर देंगे। मंत्रीजी की ओर से उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।