राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि पुस्तकें ही मनुष्य की सर्वश्रेष्ठ मित्र होती हैं। इन्हीं से बच्चों को संस्कार भी आते हैं। उन्होंने सर्किट हाउस में ‘पढ़े मुरादाबाद-बढ़े मुरादाबाद’ कार्यक्रम की समीक्षा की। कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक समाजसेवियों की मदद से स्कूलों में लाइब्रेरी में किताबों की उपलब्धता बढ़ाएं। बच्चों को उनकी रुचि के हिसाब से अधिक से अधिक किताबें पढ़ने को मिल सकें।
राज्यपाल के आह्वान पर 11 फरवरी को पढ़े मुरादाबाद बढ़े मुरादाबाद कार्यक्रम आयोजित हुआ था। मुरादाबाद जिले के 462 शैक्षिक संस्थानों (निजी एवं सरकारी) के एक लाख 19 हजार 203 विद्यार्थियों ने अपने कैंपस में सामूहिक रूप से अपनी रुचि का किताबों का अध्ययन किया। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कार्यक्रम आयोजन का डिजिटल प्रजेंटेशन दिया और आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा बताई।
राज्यपाल ने कहा कि भविष्य में आयोजन में विद्यार्थियों और शैक्षिक संस्थानों की संख्या बढ़ाई जाए। स्कूलों में बच्चों में अध्ययन करने की प्रवृति बढ़ाई जाए। स्कूलों में लाइब्रेरी बनाई जाएं। उनमें बच्चों की पसंद और सामान्य ज्ञान की किताबें उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए सामाजिक लोगों की मदद ली जाए। कार्यक्रम में 54 स्कूलों के प्रधानाचार्य और पांच स्कूलों के 15 बच्चे भी शामिल रहे।
राज्यपाल ने बच्चों ने कार्यक्रम के अनुभव पूछे। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय मिथलेश कुमार, जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा विकास कांत गुप्ता और बबीता मल्होत्रा समेत कई स्कूलों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।