सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को सरल एवं त्वरित ऋण के लिए वेब आधारित सेवा एमएसएमई समाधान का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग उद्यमिता की नर्सरी हैं।
बड़े उद्योगों की अपेक्षा इनमें कम पूंजी लगाकर ज्यादा लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। पंचायत भवन प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि देश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान है।
वर्तमान में इस क्षेत्र में देशभर में तीन करोड़ लोग कार्यरत हैं। अकेले मुरादाबाद में ही साढ़े तीन लाख लोग प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में पूंजी की कमी है। इन उद्योगों में पूंजी लगाकर गांवों से शहरों को हो रहे पलायन को भी रोका जा सकता है।