मुरादाबाद। शहर के प्रमुख बाजारों में ई-रिक्शाओं की बढ़ती संख्या और पार्किंग की कमी से जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मंडी बांस, बर्तन बाजार, गंज बाजार समेत कई प्रमुख बाजारों में रोजाना जाम लग रहा है। शासन-प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के दावे तो किए जाते हैं लेकिन धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
मंडी बांस में शनिवार शाम करीब 3:20 बजे ई-रिक्शाओं के चलते लंबा जाम लगा। सड़क पर दोनों ओर से ई-रिक्शा आमने-सामने आ जाने से यातायात पूरी तरह थम गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया वाहन काफी देर तक जाम में फंसे रहे। कई दोपहिया वाहन चालक जाम से बचने के लिए बीच रास्ते से ही वापस लौट गए। व्यापारियों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है। बाजार में रोजाना इसी तरह जाम लगता है।
व्यापारियों ने बताया कि बाजारों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से वाहनों को खड़ा करने में काफी परेशानी होती है। वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने व ई-रिक्शाओं के अनियंत्रित संचालन के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि हमारी मांग है कि पार्किंग की व्यवस्था की जाए और ई-रिक्शाओं का संचालन जोनवार किया जाए।
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दुकानदार बोले...
-बाजार में रोज जाम लगता है। इसकी वजह से ग्राहकों को भी काफी परेशानी होती है। कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया।-मुकेश, दुकानदार
-जाम की वजह से ग्राहक बाजार आने से बचते हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। ई-रिक्शाओं की बढ़ती भीड़ से रोज परेशानी झेलनी पड़ती है।-सुमित गोयल, सराफा कारोबारी
-हर दिन घंटों जाम में फंसने से लोगों का समय बर्बाद होता है। प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की जरूरत है।-राज कुमार, दुकानदार
-तीन साल से बाजारों में जाम की समस्या बनी हुई है। नियम कई बार बनाए गए, लेकिन उनका पालन नहीं कराया गया। ई-रिक्शाओं के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।-सुधांशु रस्तोगी, दुकानदार
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वर्जन...
-शहर के प्रमुख बाजारों में पुलिसकर्मी नियमित रूप से तैनात रहते हैं। जैसे ही कहीं जाम की स्थिति बनती है, तत्काल पुलिसकर्मी पहुंचकर यातायात को सुचारु कराते हैं। बाजारों में वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण कभी-कभी थोड़ी देर के लिए जाम लग जाता है, लेकिन उसे जल्द खुलवा दिया जाता है।-मिथलेश कुमार, टीआई