फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्यूशन पढ़ाने गई युवती की हत्या की हो सीबीआई जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। ट्यूशन पढ़ाने की युवती की हत्या के मामले में अब सीबीआई जांच की मांग उठाई गई है। अनुसूचित समाज की महा पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने इस मामले का गलत ढंग से खुलासा किया है। इसके अलावा उन्होंने हाथरस, उन्नाव की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए प्रदेश में अनुसूचित जाति की महिलाओं व युवतियों के साथ दुष्कर्म, हत्या, उत्पीड़न की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। इस मौके पर जातीय मुक्त भारत मोर्चे के गठन का भी एलान किया गया।
विज्ञापन

रविवार को मझोली चौराहे के निकट मोहल्ला जाटव के सामने अनुसूचित जाति समाज के लोगों की हुई महा पंचायत को संबोधित करते हुए सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेता ओमीलाल वाल्मीकि ने कहा कि 13 फरवरी को ट्यूशन पढ़ाने गई अनुसूचित जाति की युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासे के नाम पर लीपापोती की है। इससे परिवार और समाज के लोगों का स्थानीय पुलिस से विश्वास उठ चुका है। पुलिस शुरू से ही इस जघन्य घटना को छिपाना चाहती है। पूरा समाज घटना की सच्चाई जानने और असली कातिलों को पकड़े जाने के लिए सीबीआई जांच चाहता है।
महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए लल्ला बाबू द्रविड़ ने कहा कि मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में अनुसूचित जाति के परिवार की बच्चियों, महिलाओं के साथ इस तरह के जघन्य अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार इन्हें रोकने में विफल है। इसके लिए अनुसूचित जाति समाज के सभी लोगों को एकजुट होना होगा। महापंचायत में अन्य वक्ताओं ने भी ट्यूशन पढ़ाने गई युवती की हत्या के खुलासे पर पुलिस को कटघरे में खड़ा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की तथा ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन

महापंचायत को भंते सुमित नरायन थेरा, महावीर प्रसाद मौर्य, ललित कुमार, राजीव बौध, राजू आंबेडकर व चंदन सिंह रैदास समेत कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। संचालन राजू आंबेडकर ने किया। महापंचायत के अंत में घटना की सीबीआई जांच की मांग को लेकर रणनीति बनाने तथा जातीय मुक्त भारत मोर्चे का गठन किए जाने के लिए अनुसूचित जाति के सभी संगठनों की एक संयुक्त बैठक सोमवार सांय किए जाने का भी एलान किया गया। महापंचायत के दौरान कार्यक्रम स्थल पर भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी के जवान भी लगाए गए थे।
मेरी बेटी जैसा न हो सलूक इसलिए सब हों एकजुट
मुरादाबाद।
महापंचायत में ट्यूशन पढ़ाने गई जिस युवती की हत्या हुई थी उसका परिवार भी पहुंचा। युवती की मां और भाई ने मंच से पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाए। परिवार के सदस्यों ने गिरफ्तार कर जेल भेजे गए युवक का नार्को टेस्ट कराने और घटना की सीबीआई जांच की भी मांग की।
मंच से रुंधे गले में युवती की मां ने कहा कि मेरी बेटी होनहार थी। दरिंदों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने इस घटना के खुलासे के नाम पर खेल किया है। मेरी बेटी को एक युवक अकेले मौत के घाट नहीं उतार सकता था। जिस युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है वह बेटी के साथ बाइक पर ले जाता दिखने वाला युवक नहीं है। युवती की मां ने समाज के लोगों से कहा कि उसकी बेटी दरिंदगी की भेंट चढ़ गई। अनुसूचित जाति के समाज की और कोई किसी बेटी के साथ ऐसी घटना न हो इसके लिए सभी को जगना होगा। तभी ऐसी घटनाएं रुक सकेंगी।
महापंचायत असफल करने में जुटा रहा प्रशासन: चंदन
मुरादाबाद। महापंचायत के संयोजक चंदन सिंह रैदास ने प्रशासन पर महापंचायत को असफल करने के प्रयास करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को जैसे ही महापंचायत की जानकारी मिली वैसे ही उसे असफल करने के प्रयास शुरू कर दिए गए। मझोला क्षेत्र में एक ट्रांसपोर्टर के 11 फरवरी से लापता पुत्र के परिवार वालों से तो पुलिस यहां तक लिखवाने में कामयाब हो गई कि उन लोगों का इस महापंचायत से कोई लेना देना नहीं है। जबकि चंद दिन पहले ही परिवार के लोगों ने अनुसूचित जाति समाज के लोगों के साथ जुलूस निकाल कर डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन भी किया था। आरोप लगाया कि जिस युवती की हत्या की गई उसके परिवार पर भी दबाव डाला गया कि वह महापंचायत में न पहुंचे, लेकिन उस परिवार के लोगों ने साहस दिखाया और महापंचायत में पहुंच कर हक और न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समेत समाज के कई नेताओं के पास भी महापंचायत न करने के लिए फोन आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें