मुरादाबाद। लोकोशेड पुल निर्माण का कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। बुधवार से सेतु निगम बाकी बची अपने हिस्से की सड़क का निर्माण भी शुरू कर देगा। अफसरों का दावा है कि एक सप्ताह में कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अक्तूबर माह में लोकोशेड के नए पुल पर यातायात चालू हो जाएगा।
महानगर को दिल्ली रोड से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण लोकोशेड पुल के बराबर में नए पुल निर्माण के लिए शासन से 2015 में स्वीकृति मिली थी। 650 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण 2017 में शुरू किया गया था। जिस पर करीब 30 करोड़ रुपये की लागत आनी है, लेकिन शुरुआत से ही पुल निर्माणा में देरी होती रही। कभी निर्माण कार्य चला तो कभी लंबी समय तक कार्य बंद ही रहा। शुरुआत में सेतु निगम ने अपने हिस्से का कार्य शुरू किया तो बाद में ये कहकर बंद करा दिया गया कि अब रेलवे के हिस्से का 112 मीटर कार्य बचा है। रेलवे अपने हिस्से का कार्य करेगा। इसके बाद ही सेतु निगम बाकी कार्य करेगा। लंबे समय से कार्य बंद पड़ा था। अब अक्तूबर माह में पुल पर आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि बुधवार से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बाकी बाकी कार्य पूरा करने में एक सप्ताह का समय लगेगा। सेतु निगम के सहायक अभियंता टीपी गुप्ता ने बताया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी का प्लांट बंद होने की वजह से कार्य बंद था। जिसकी वजह से कार्य रुका हुआ था। अब प्लांट शुरू हो गया है। बुधवार सो कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने में मात्र एक सप्ताह का समय लगेगा।
गोविंद नगर ओवर ब्रिज निर्माण में रोड़ा बन रहे बिजली के खंभे और अतिक्रमण
मुरादाबाद। गोविंद नगर ओवर ब्रिज निर्माण में रेलवे लाइन की दोनों साइडों में बिजली के खंभे और अतिक्रमण होने की वजह से निर्माण कार्य रुका गया है। रेल अफसरों का कहना है कि उन्होंने बिजली विभाग के अफसरों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। बावजूद इसके खंभे और ट्रांसफार्मर को नहीं हटाया गया है। अब रेल अफसरों ने डीएम को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।
गोविंद नगर रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज के लिए दो साल पहले शिलान्यास हुआ था। 126 मीटर लंबा और 3.6 मीटर चौड़ा पुल बनाया जा रहा है। जिस पर साढ़े पांच करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी। नगर निगम रेलवे को इसका भुगतान भी कर चुका है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर परमिंदर सिंह ने बताया कि चार बार बिजली बिजली अफसरों को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई खंभे नहीं हटाए गए हैं। जिस कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता दीपक कुमार का कहना है कि खंभे हटाने के लिए स्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। भुगतान होने के बाद ही खंभे हटाए जाएंगे।