रामपुर संसदीय सीट से गठबंधन के प्रत्याशी आजम खां पर आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उनके निशाने पर सिर्फ सियासी प्रतिद्वंदी ही नहीं, बल्कि अधिकारी भी हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर जैसे-जैसे समय बढ़ रहा है वैसे ही नेताओं की भाषा भी बदल रही है। रामपुर से समाजवादी पार्टी के नेता और प्रत्याशी आजम खां अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
इस बार भी अपने मिजाज के अनुसार आजम खां के बयान फिर से चर्चा का विषय बने हुए हैं। वह सिर्फ अपने सियासी विरोधियों को लेकर नहीं, बल्कि अधिकारियों के प्रति बयानबाजी को लेकर भी चर्चाओं में हैं।
उनकी बयानबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आचार संहिता लागू होने के बाद से आजम खां के खिलाफ अब तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उनके खिलाफ दो अप्रैल को कोतवाली में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।