उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में बिजलीघर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जल निकासी की समस्या को लेकर प्रदर्शन कर विरोध जताया। गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अफसरों को कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोक दिया।
साथ ही भाजपा विधायक के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना पर प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। एसडीएम समेत तमाम अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया।
तहसील क्षेत्र के गांव पट्टी फजीलाबाद में दस एमवीए के बिजलीघर बनने के लिए सोमवार को भूमि पूजन रखा गया था। इस भूमि पूजन में भाजपा विधायक राजबाला को शिरकत करनी थी। भूमि पूजन से पूर्व विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी तैयारी कर ली थी।
ग्रामीणों ने इस बिजलीघर का विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि प्रधान, लेखपाल ने गलत भूमि का प्रस्ताव कर दिया है। इस बिजलीघर के बनने से गांव की ओर से जाने वाले जंगल का रास्ता बंद हो जाएगा और गांव के जल की निकासी भी बंद हो जाएगी।
इस दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों की गाड़ी पहुंचने पर ग्रामीणों ने बिजलीघर जाने से रोक दिया। नाराज ग्रामीणों ने विधायक हाय-हाय के नारे लगाए और विधायक के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
सूचना पर एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह और कोतवाल शिवचरन सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इनको भी ग्रामीणों ने रोकने का प्रयास किया। जिसके बाद एसडीएम ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की। बातचीत में ग्रामीणों ने पूरी बात बताई। इस दौरान एसडीएम ने विद्युत विभाग से नक्शा मांगा।
एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता ने दूसरी ओर से रास्ता देने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान विधायक राजबाला भी अपने समर्थकों के साथ गांव पहुंच गईं। नाराज ग्रामीणों ने विधायक के भूमि पूजन में बैठने का विरोध किया और महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
भूमि पूजन में एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग, तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह, नायब तहसीलदार हर्ष कुमार, विधायक पति दिलीप सिंह लोधी उपस्थित रहे।