अलकायदा सरगना बताए जाने वाले मौलाना आसिम उमर के मारे जाने की जानकारी के बाद भी संभल का वह मोहल्ला शांत है जहां उसका घर बताया गया है। संभल में आसिम के मोहल्ले और आसपास मीडिया के लोगों ने देर रात डेरा डाला। लेकिन स्थानीय लोग खूंखार आतंकी से किसी किस्म के जुड़ाव को अपनी तौहीन समझते हैं। कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं। बस इतना बताते हैं कि लगभग 20 साल पहले वह यहां से चला गया था। कहां गया, किससे उसका जुड़ाव था, कोई यह नहीं बताता।
संभल जिले का नाम आतंकवादी संगठन से जुड़ता रहा है। अतीत की वह हलचल लोगों को बेचैनी में डाल देती है। क्योंकि पहले अलकायदा के इंडिया चीफ के तौर पर संभल के मोहम्मद आसिफ की गिरफ्तारी हुई थी। उसके बाद अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने आतंकवादी संगठन की भारतीय उप महाद्वीप शाखा के प्रमुख के तौर पर मौलाना आसिम उमर का नाम घोषित किया था।
मौलाना आसिम उमर का ताल्लुक संभल के एक मोहल्ले से बताया जाता है। हालांकि जिस मोहल्ले से ताल्लुक बताया जाता रहा है वहां कोई हलचल नहीं है। विदेशी समाचार एजेंसी से मिली जानकारी के बाद मीडिया कर्मियों ने उस मोहल्ले का दौरा किया जहां मौलाना आसिम उमर का घर बताया जाता रहा है। मीडिया कर्मियों ने वहां पहुंचकर कुछ लोगों से जानने की कोशिश।
लेकिन उस मोहल्ले के लोग कुछ भी नहीं बता सके। अब से दो दशक पहले संभल के कुछ युवा और किशोर संदिग्ध अवस्था में लापता हो गए थे। कुछ वर्षों बाद एक नाम मौलाना आसिम उमर का प्रकाश में आया। जिसका ताल्लुक संभल से बताया गया था। उसको वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। जिसके अब अमेरिका फौज के द्वारा मारे जाने की पुष्टि हो रही है।