डिग्री और पंजीकरण से झाड़ा पल्ला
सभासद देवेंद्र कुमार मेडिकल स्टोर भी संचालित करते हैं। विभागीय टीम उनके पास जांच के सिलसिले में पहुंची थी। देवेंद्र कुमार ने विभाग को शपथ पत्र दिया है। उन्होंने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले मुकेश नाम का एक व्यक्ति उनसे मिला था, जिसने डिग्री दिलाने का झांसा दिया था।
उन्होंने न तो कभी कोई डिग्री ली और न ही अपने नाम से पंजीकरण कराया। उनके नाम से आयुर्वेदिक डिग्री और पंजीकरण कैसे हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
तीन वर्ष पहले लखनऊ से ही पंजीकरण निरस्त
फर्जी डॉक्टरों की सूची में अमरोहा के तीन लोगों के नाम शामिल हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर इनमें से कोई भी चिकित्सा कार्य नहीं कर रहा है। न ही वर्तमान में किसी का पंजीकरण है। हमारे स्तर से क्लीनिक या अस्पताल खोलने के लिए आवेदन करने वाले चिकित्सकों के पंजीकरण का ऑनलाइन सत्यापन किया जाता है। तीनों के पंजीकरण करीब तीन वर्ष पहले ही लखनऊ स्तर से निरस्त किए जा चुके हैं। -डॉ. अमर दीप सिंह नायक, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, मुरादाबाद