मुरादाबाद। सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक में शनिवार दोपहर निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिर गया। इसके मलबे में दबकर छात्रा की मौत हो गई जबकि उसकी चचेरी बहन बाल बाल बची। हादसे के बाद निर्माण कार्य में जुटे मजदूर और ठेकेदार मौके से भाग निकले। इस हादसे से परिवार में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया। परिजनों से किशोरी के शव का पीएम कराने से इनकार कर दिया है।
चक्कर की मिलक चौराहे के पास ही स्थानीय निवासी दानिश अपने मकान का निर्माण करा रहे हैं। शुक्रवार को कुछ हिस्से में निर्माणाधीन मकान पर लिंटर पड़ा गया था। बाकी हिस्से में शनिवार को लिंटर डाला जा रहा था। शनिवार दोपहर करीब बारह बजे दानिश के चाचा शाकिर की चौदह वर्षीय बेटी समरीन और दूसरे चाचा की बेटी नगमा निर्माणाधीन मकान के नीचे से गुजर कर अपनी ताई के घर प्रेस पहुंचाने जा रही थीं। इसी दौरान लिंटर भरभराकर गिर गया। इसके मलबे में समरीन दब गई। जबकि नगमा बाल बाल बच गई।
इस हादसे से परिवार में चीख पुकार मच गई। मजदूरों के साथ ही परिवार के अन्य लोग भी मलबा हटाने में जुट गए। उन्होंने किशोरी को मलबे से बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिये जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने किशोरी समरीन को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने और एक किशोरी की मौत की सूचना मिलने पर सीओ सिविल लाइंस कुलदीप सिंह गुनावत और थाना प्रभारी नवल मारवाह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौका मुआयना किया। पुलिस ने किशोरी के शव पीएम भिजवाने के पंचनामा भरा तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा करने के बाद शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है। परिजनों ने बताया कि समरीन नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके दो भाई सारिक और शामिल व एक छोटी बहन मंतशा और मां हाजरा है। थाना प्रभारी नवल मारवाह ने बताया कि अभी तक परिजनाें की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। उन्होंने पीएम कराने से भी इनकार कर दिया है।