चंदौसी (संभल)। न्यायालय ने पति की हत्या में शामिल पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साल 2016 में दामिनी ने अपने प्रेमी राजू के साथ मिलकर पति कमलवीर की हत्या कर दी थी। जिसकी रिपोर्ट हस्तिनापुर के ब्रजवीर ने संभल थाने में दर्ज कराई थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल दीक्षित ने बताया कि हस्तिनापुर के ब्रजवीर ने अपने भाई कमलवीर की हत्या की रिपोर्ट संभल थाने में दर्ज कराई। जिसमें बताया कि उसका भाई कमलवीर विद्युत विभाग में प्राइवेट ठेकेदार के यहां चालक था। यहां उनकी बेटी दामिनी से प्रेम प्रसंग हो गया था। उसी के साथ कमलवीर का विवाह करा दिया गया। 2008 में दामिनी ने कमलवीर पर मायके में चलकर रहने का दबाव बनाया। जिसके बाद कमलवीर अपने बच्चों को लेकर दामिनी के मायके संभल में आकर रहने लगा। यहां दामिनी के रवैये को देखकर कमलवीर अपने दोनों बच्चों को गांव हस्तिनापुर छोड़ आया था। कमलवीर ने भाई ब्रजवीर को बताया कि उसने अपनी पत्नी को एक अन्य युवक के साथ देखा है। उसे अपनी पत्नी से जान का खतरा है।
16 सितंबर 2016 की शाम पांच बजे उसे खबर मिली कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। जब वह लोग संभल पहुंचे तो पता चला कि भाई फांसी पर लटका था। एक्सीडेंट की खबर झूठी थी। भाई का शव देखा तो चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान थे। पुलिस ने आरोपी दामिनी और राजू के खिलाफ हत्या का रिपोर्ट दर्ज की। न्यायालय में दोनों के विरुद्ध हत्या की चार्जशीट दी गई। इस मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल के न्यायालय में हुई। शनिवार को न्यायालय ने दोषी पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कैद की सजा सुनाई। साथ ही दस दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।