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Moradabad: शादी से इनकार पर युवती को मार डाला, तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास, 50-50 हजार का जुर्माना भी

Fri, 23 Feb 2024 02:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मूंढापांडे के अफजलपुर गांव में सितंबर 2017 में शादी से मना करने से नाराज युवक ने अपने दो भाइयों के साथ मिलकर युवती की हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुए वारदात के दौरान युवती के घर में कोई मौजूद नहीं था। कोर्ट ने तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
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मूंढापांडे क्षेत्र में करीब सात साल पहले शादी से इनकार करने पर घर में घुसकर युवती की हत्या में अदालत ने तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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यह घटना मूंढापांडे के अफजलपुर गांव में 14 सितंबर 2017 की दोपहर हुई थी। इस गांव में रहने वाले फारुख ने मूंढापांडे थाने में दर्ज कराए केस में बताया कि गांव में रहने वाला जुबैद उसका दूर का रिश्तेदार है। जुबैद ने फारुख की 22 वर्षीय छोटी बहन इस्लामनिशा उर्फ छोटी से शादी करने की बात कही थी।

युवती के परिवार ने इस शादी के लिए मना कर दिया था। परिवार के इन्कार करने पर युवती ने जुबैद से शादी करने से मना कर दिया था। इस बात को लेकर जुबैद युवती से रंजिश रखने लगा था। 14 सितंबर की दोपहर फारुख बाहर चला गया था।
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उस वक्त घर में इस्लाम निशा अपनी मां और बहन के साथ घर में मौजूद थी। दोपहर करीब बारह बजे जुबैद अपने दो सगे भाई मुनाजिर और मुस्तफा के साथ फारुख के घर में घुस गया। उसने इस्लाम निशा उर्फ छोटी पर पर चाकू से हमला कर दिया था।

फारुख की पत्नी आसमीन, मेरे छोटे भाई की पत्नी मोमिन और मां दिलवरी ने युवती को को बचाने की कोशिश की लेकिन तीनों भाइयों ने इन्हें भी मारा पीटा और मेरी बहन को मरा जान कर छोडकर भाग गए थे।

घटना की जानकारी मिलने पर फारुख घर आ गया और घायल घायल अवस्था में इस्लाम निशा उर्फ छोटी को जिला अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर अवस्था में युवती को हायर सेंटर रेफर कर दिया था।

दिल्ली ले जाते समय युवती की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां तीनों को जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीनों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था।

इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या नौ रघुवर सिंह की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नाहर सिंह त्यागी ने बताया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी वादी की पत्नी, भाभी और मां के अलावा अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने तीनों सगे भाइयों को हत्या का दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

दोषियों ने गढ़ी थी ऑनर किलिंग की कहानी

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नाहर सिंह त्यागी ने बताया कि इस मामले में बहस के समय दोषियों ने ऑनर किलिंग की कहानी अदालत में बताई थी। जिकि मृतका इस्लाम निशा और दोषी करार दिए गए जुबैद के बीच प्रेम संबंध थे। जिसकी जानकारी इस्लाम निशा के घर वालों को हो गई थी।

तब इस्लाम निशा के घर वालों ने ही उसकी हत्या कर दी थी जिसका आरोप दोषियों पर लगाया गया था। लेकिन इस बात को बचाव पक्ष अदालत में साबित नहीं कर पाया, जबकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत थे। जिनके आधार पर अदालत ने सजा सुनाई है।समें कहा

अदालत ने माना युवती की नृशंस हत्या की गई थी

करीब सात साल चले इस मुकदमे में पक्ष और विपक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों और दोनों पक्षों की बहस के अवलोकन के बाद अदालत ने माना कि जुबैद इस्लाम निशा से शादी करने का इच्छुक था। शादी नहीं होने पर रंजिश रखने लगा था।

इसी रंजिश के चलते उसने अपने सगे भाइयों के साथ मिलकर इस्लाम निशा के घर में घुसकर घटना को अंजाम दिया था। जिसे नृशंस हत्या माना जा सकता है। पत्रावली पर मौजूद सभी साक्ष्यों के मद्देनजर अदालत ने तीनों भाइयों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

 

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