चंदौसी। न्यायालय ने युवक की हत्या के मामले में दोषी बंटी उर्फ रौदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी ने साल 2018 में बनियाखेड़ा की मढै़या के प्रवीन की गोली मारकर हत्या की थी। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि करनपाल ने बनियाठेर थाने में अपने ही गांव के बंटी के खिलाफ बेटे प्रवीन की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया कि दस नवंबर 2018 को उसका बेटा प्रवीन अपने फूफा मोहन लाल को बाइक से लेकर गांव लौट रहा था। पुलिया के समीप गांव के बंटी ने उसे रोक लिया। आरोपी ने अपने भाई के बारे में जानकारी चाहीं। जिस पर प्रवीन ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसी बात पर आरोपी बंटी ने प्रवीन के सीने में गोली मार दी। जबकि प्रवीन के फूफा मोहनलाल ने भागकर अपनी जान बचाई। कुछ देर बाद परिजन मौके पर पहुंचे, यहां प्रवीन खून से लथपथ पड़ा हुआ था। परिजन उसे लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बनियाठेर पुलिस ने बंटी उर्फ रौदास के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। जांच कर आरोपी के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षाें को सुनने और साक्ष्यों के आधार पर बंटी को हत्या में दोषी करार दिया। इस जुर्म के लिए उसे आजीवन कारावास और 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड में से 15 हजार रुपये की धनराशि बतौर प्रतिकर वादी मुकदमा को देने के आदेश दिए हैं।