डिलारी में नौ साल पहले युवती को जिंदा जलाकर मारने के मामले में तहेरे भाई को दोषी ठहराया गया है। छेड़खानी के विरोध पर आरोपी ने युवती पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। अदालत ने हत्या में आरोपी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
डिलारी में नौ साल पहले युवती को जिंदा जलाकर मारने के मामले में एडीजे-तीन संदीप गुप्ता द्वितीय की अदालत ने बुधवार को मुलजिम तहेरे भाई टोनी उर्फ इब्ले को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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डिलारी थाना क्षेत्र के गांव में रहने वाले युवक ने 16 सितंबर 2017 को डिलारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि 16 सितंबर की सुबह करीब सवा दस बजे घर में उसकी मां और 19 वर्षीय बहन मौजूद थी।
इसी दौरान उसके घर उसका तहेरा भाई उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के आईटीआई थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा निवासी टोनी उर्फ इब्ले आ गया। मां टोनी के लिए दुकान से कोल्ड ड्रिंक लेने चली गई थी। आरोपी टोनी ने उसकी बहन के साथ छेड़खानी की।
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विरोध करने पर आरोपी ने बहन पर मिट्ठी का तेल डालकर आग लगा दी थी। मां घर पहुंची तो उसने देखा कि बहन का शरीर झुलस चुका था और आरोपी टोनी दरवाजे की आड़ में खड़ा था। उसके भी हाथ झुलसे हुए थे। मां ने पूछताछ की तो आरोपी उसे धक्का देकर बाइक पर बैठकर भाग गया था।
परिजन युवती को लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले की सुनवाई डीजे-तीन संदीप गुप्ता द्वितीय की अदालत में चली।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टोनी उर्फ इब्ले को दोषी करार देते हुए हत्या में आजीवन कारावास और 20 हजार का जुर्माना लगाया। जबकि छेड़खानी में पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों सजा साथ साथ चलेंगी।