मुरादाबाद। भगतपुर के सवा पांच साल पुराने अनस हत्याकांड में सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) अनिल कुमार की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने हत्याकांड को गैर इरादतन हत्या माना है। एक मुलजिम फहीम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और बाकी छह दोषियों को पांच -पांच साल की कैद की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौहान ने बताया कि एक मई 2015 को भगतपुर के भदगमा निवासी नफीस पुत्र बाबू ने गांव के ही फहीम, शमीम, मुमत्याज, नईम, शकील, कादिर और शफीक के खिलाफ हत्या, बलवा और घर में घुसकर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस हमले में वादी के 13 साल भतीजे अनस के सिर में गंभीर चोट लगी थी। जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस केस की विवेचना तत्कालीन एसओ अखिलेश प्रधान ने की थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई एडीजे तीन अनिल कुमार की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार चौहान ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं। जिसमें दस लोगों की गवाही हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को गैर इरादतन हत्या माना। अदालत ने मुलजिम फहीम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि शमीम, मुमत्याज, नईम, शकील, कादिर और शफीक को पांच- पांच साल की सजा और दो- दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।