मुरादाबाद। मंडलायुक्त वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मंडल में रैपिड एंटीजन टेस्टिंग बढ़ने से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसे देखते हुए मंडल के सभी जिलों में एल टू श्रेणी के अस्पताल क्रियाशील करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। तीन दिन में एल टू श्रेणी के अस्पताल वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सुविधा के साथ मरीजों के लिए तैयार हो जाएंगे।
मंगलवार को सर्किट हाउस में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक कुमार टंडन और अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मंडलीय समीक्षा की। इसमें मरीजों के इलाज, अस्पतालों में सुविधाएं, होम आइसोलेट मरीजों के बीच समन्वय और सर्विलांस टीमों से संक्रमितों के कांटेक्ट ट्रेसिंग पर चर्चा हुई। समीक्षा बैठक में शामिल रहे मंडलायुक्त वीरेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एंटीजन टेस्टिंग से मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी हें, लेकिन संक्रमण का खतरा उतना ही कम हो रहा है। मरीज चिह्नित कर अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद और अमरोहा को छोड़कर रामपुर, बिजनौर और संभल में सर्विलांस टीमें घर-घर जाकर कांटेक्ट्र ट्रेसिंग और खांसी, जुकाम, बुखार और गले में खराश के मरीजों को चिह्नित करने में लापरवाही कर रही हैं। जितने घरों को कवर करना चाहिए, वो नहीं हो रहे हैं। वहां के डीएम और सीएमओ को इसके निर्देश जारी किए हैं।
मंडलायुक्त ने कहा कि संक्रमित बढ़ने से मेडिकल कालेजों में दबाव बढ़ा है। टीएमयू में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हर जिले में तीन दिन में एल टू श्रेणी का अस्पताल क्रियाशील किया जाएगा। इनमें शुरुआत में 30-30 बेड की क्षमता होगी। वेंटिलेटर और आक्सीजन की सभी व्यवस्थाएं होंगी। उन्होंने कहा कि सभी डीएम और सीएमओ को निर्देश जारी किए गए हैं कि मरीजों को तत्काल एंबुलेंस मुहैया कराएं। अस्पतालों में भर्ती करवाकर उनका इलाज कराएं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी झेलनी न पड़े। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम के मैनेजमेंट को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस दौरान आईजी रमित शर्मा भी मौजूद रहे।
होम आइसोलेशन की अनुमति से पहले टीम स्क्रीनिंग करे
मुरादाबाद। मंडलायुक्त ने कहा कि होम आइसोलेशन की अनुमति से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों के घर जाकर उनकी स्क्रीनिंग करें। लक्षण नहीं होने पर मरीज के घर पर्याप्त जगह का भी निरीक्षण करे। प्रोटोकाल मानक पूरे होने पर ही अनुमति दी जाए।
नॉन कोविड अस्पतालों की होगी निगरानी
मुरादाबाद। मंडलायुक्त वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नॉन कोविड अस्पतालों में कुछ केस में लापरवाही सामने आई है। नॉन कोविड अस्पतालों के मैनेजमेंट के साथ स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन के समन्वय के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक सीनियर अधिकारी को नामित किया जाएगा। अधिकारी नॉन कोविड अस्पतालों की निगरानी करेगा और आईएमए पदाधिकारियों के साथ बैठकों का आयोजन कर सरकार के प्रोटोकाल मानकों का पालन कराएगा। नॉन कोविड में भर्ती मरीजों का आक्सीजन लेवल कम होने पर मरीजों को तत्काल हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। जिन मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस नॉन कोविड अस्पतालों में जाकर उनका एंटीजन सैंपल कराएगी।