मुरादाबाद। भले ही वन विभाग ने 25 घंटे के अंदर दो तेंदुए पकड़ लिए लेकिन लगातार हमलों से गांवों में दहशत का माहौल है। मंगलवार की सुबह पांच बजे ठाकुरद्वारा में एक तेंदुआ पकड़ा गया तो डिलारी क्षेत्र में दो जगह तेंदुओं ने दो युवकों पर हमला कर घायल कर दिया। काठं, डिलारी, भोजपुर और ठाकुरद्वारा के गन्ने के खेतों में 100 से ज्यादा तेंदुए होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि खतरा कम नहीं हुआ है, बल्कि बरसात के साथ और बढ़ता जाएगा।
तेंदुओं के लिए गन्ने के खेत लंबे समय से छिपने का सुरक्षित ठिकाना बने हैं। भारतीय वन्य जीव संस्थान की देश में तेंदुओं की स्थिति पर रिपोर्ट के अनुसार, गन्ने के खेतों में पर्याप्त सुरक्षा मिलने के कारण तेंदुओं की मौजूदगी खासतौर पर मानसून और सर्दियों में बढ़ जाती है। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि मादा तेंदुए शावकों को जन्म देने और पालन-पोषण करने के लिए गन्ने के खेतों का इस्तेमाल करती हैं। बारिश में तेंदुए गन्ने के खेतों की गीली मिट्टी पर न रहकर सूखा और सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हैं। इसलिए तेंदुओं के आबादी के करीब आने के मामले बढ़ रहे हैं। वन्य जीव संस्थान के शोध में भी मानव-तेंदुआ संघर्ष की घटनाओं में मानसून के दौरान बढ़ोतरी का उल्लेख मिलता है। उत्तर प्रदेश के मानव-वन्यजीव संघर्ष के अध्ययन में भी मानसून के दौरान तेंदुओं से जुड़े मानव मृत्यु और घायल होने के मामले अधिक पाए गए हैं।
हमले के बाद लगाया एक और पिंजरा
डिलारी के गांव मलकपुर सेमली में युवक पर तेंदुए के हमले के बाद एक और पिंजरा लगाया गया है, जबकि एक पहले लगा था। उधर, ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना, रायभूड़, बहापुर बलिया समेत विभिन्न गांवों में अभियान जारी है। वन विभाग ने अब तक कांठ, डिलारी और ठाकुरद्वारा में 25 से ज्यादा पिंजरे लगा दिए हैं। विभागीय अधिकारियों ने अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट वनतारा के विशेषज्ञों से भी मुरादाबाद में तेंदुओं की इस समस्या का समाधान मांगा है, लेकिन जवाब नहीं मिला।
एक जगह घेराबंदी तो दूसरी जगह पहुंच जाता है तेंदुआ
तेंदुओं की मौजूदगी का दायरा बड़ा होने से वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक साथ कई इलाकों में अभियान चलाने की है। मुरादाबाद के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व, बिजनौर, संभल और रामपुर की टीमें भी गन्ने के खेतों में तेंदुओं को पकड़ने में जुटी हैं। एक क्षेत्र में टीमों की घेराबंदी और तलाश चलती है तो दूसरे क्षेत्र से तेंदुए के दिखाई देने या हमले की सूचना आ जाती है। विभाग ने मुरादाबाद में तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी, उनके रेस्क्यू और आगे की रणनीति को लेकर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। हालांकि अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है।
इटावा लायन सफारी छोड़े जाएंगे पकड़े गए दोनों तेंदुए
पिछले दो दिन में पकड़े गए दो तेंदुओं को डियर पार्क लाने, मेडिकल परीक्षण कराने और उनके भोजन की व्यवस्था करने में हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं। वन विभाग के विशेषज्ञों ने प्रधान मुख्य संरक्षक को पत्र लिखकर तेंदुओं को छोड़ने के लिए उचित स्थान पूछा है लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में तेंदुओं को इटावा लायन सफारी में अस्थायी रूप से छोड़ने का प्रबंध किया गया है। बुधवार को टीम तेंदुओं को लेकर इटावा लायन सफारी रवाना होगी। डीएफओ डॉ. विनय कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों तेंदुए व्यस्क मादा हैं। एक की उम्र ढाई से तीन साल के बीच हैं, जबकि दूसरी मादा करीब छह साल की है।