ठाकुरद्वारा। क्षेत्र में एक वर्ष में 10 से ज्यादा तेंदुए पकड़े जा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी वे कम नहीं हो रहे हैं। सोमवार को सुबह बहापुर बलिया में एक तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब तेंदुओं से कुछ राहत मिलेगी लेकिन छह घंटे बाद ही तेंदुए ने राईभूड़ में ललित कुमार को हमला कर गंभीर घायल कर दिया। करीब 20 दिन पूर्व वन विभाग के पिंजरे में गांव लौंगी खुर्द में एक तेंदुआ कैद हुआ था। पशुपति एक्रीलोन फैक्टरी में भी तेंदुआ एक महीने पहले पकड़ा गया था। दो तेंदुए गांव आलमगीरपुर, एक राईभूड़ आदि में पकड़े जा चुके हैं। कई तेंदुओं की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद नए तेंदुए क्षेत्र में नजर आने लगते हैं। क्षेत्र में कितने तेंदुए सक्रिय हैं इसका कोई रिकॉर्ड वन विभाग के पास नहीं है। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार का कहना है कि तेंदुओं की संख्या की विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। शासन के आदेश पर ही क्षेत्र में तेंदुओं की गणना हो सकती है। संवाद