जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ मुरादाबाद के कमिश्नर कोर्ट में दाखिल चुनौती याचिका पर सोमवार को रूट डायवर्जन के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के कोर्ट नहीं पहुंच पाने से सुनवाई टल गई। अब मंडलायुक्त की कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
रामपुर के जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को होने वाली सुनवाई टल गई। रूट डायवर्जन के कारण दोनों पक्षों के अधिवक्ता कोर्ट में नहीं पहुंच सके। इसके चलते मंडलायुक्त एवं आरडीए अध्यक्ष आंजनेय कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
अब मामले में अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी। जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 को अवैध मानते हुए आरडीए के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई 2026 को उन्हें ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था।
आदेश के बाद यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की ओर से इसे मंडलायुक्त की कोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका में ध्वस्तीकरण के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है। चुनौती याचिका के अंगीकरण को लेकर इससे पहले दो बार सुनवाई हो चुकी है।
विज्ञापन
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों पक्षों से अपने-अपने अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था। इन्हीं दस्तावेजों और पक्षों की दलीलों के आधार पर कोर्ट को यह तय करना है कि जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की ओर से दाखिल चुनौती याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।
सोमवार को इसी प्रक्रिया के तहत सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन रूट डायवर्जन के कारण अधिवक्ताओं के कोर्ट में नहीं पहुंच पाने से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। मंडलायुक्त ने अब अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तारीख तय की है।