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Moradabad News: किसान पर हमले के आठ घंटे बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

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मुरादाबाद/सुरजननगर। ग्राम बहापुर बलिया में किसान पर हमला करने वाला तेंदुआ आखिरकार आठ घंटे बाद वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। शुक्रवार शाम करीब छह बजे रामगंगा किनारे खेत में चारा काट रहे किसान नरपत सिंह पर तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद सक्रिय हुए वन विभाग ने रात में इलाके की निगरानी बढ़ा दी। तेंदुए को ट्रैक करने के बाद पिंजरा लगाया गया।
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करीब आठ घंटे बाद शनिवार देर रात दो बजे तेंदुआ शिकार की तलाश में घूमते हुए पिंजरे में दाखिल हो गया। लोहे का दरवाजा बंद होते ही वह कैद हो गया।तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की खबर मिलते ही शनिवार सुबह मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। भीड़ बढ़ने पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। चौकी प्रभारी ओंकार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को पिंजरे के पास जाने से रोका। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पिंजरे को वाहन में लोड किया और तेंदुए को अपने साथ ले गई। डीएफओ डॉ. विनय पांडे का कहना है कि किसान पर हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। अब तक चार तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। दो को इटावा लायन सफारी भेजा चुका है। बाकी दो नर तेंदुए मुरादाबाद के डियर पार्क में पिंजरे में हैं। दोनों को किसी स्थान पर छोड़ने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक को सूचना भेजकर अनुमति मांगी गई है। लखनऊ से पत्र आने के बाद दोनों तेंदुओं को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। शनिवार देर रात को पकड़ा गया नर तेंदुआ करीब 11 वर्ष का है।

50 गांवों में अब भी दहशत
तेंदुए की गतिविधियों से ठाकुरद्वारा क्षेत्र के करीब 50 गांवों में ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। एक तरफ वन विभाग को पिछले दस दिनों में चार तेंदुए पकड़ने में सफलता मिली है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग गांवों में तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। रविवार शाम बंकावाला गांव में श्मशान के पास पूरन सिंह समेत किसान गन्ने के खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक तेंदुआ वहां पहुंच गया और किसानों पर हमला करने का प्रयास किया। किसान भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। सूचना पर वन दरोगा मदन सिंह के साथ वन विभाग की टीम गांव पहुंची। किसानों द्वारा बताए गए स्थान की जांच करने पर टीम को तेंदुए के पंजों के निशान मिले। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को अकेले खेत और जंगल की ओर न जाने तथा समूह में डंडे लेकर चलने की सलाह दी।
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नलकूप पर बैठा दिखा तेंदुआ, तीन के वीडियो से बढ़ी चिंता
पृथ्वीपुर गावड़ी से करनावाला खालसा जाने वाले मार्ग पर एक तेंदुआ नलकूप पर बैठा दिखाई दिया। वहां मौजूद किसान रामअवतार ने तेंदुए को देखकर भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद किसी व्यक्ति ने नलकूप पर बैठे तेंदुए और सड़क पार करते तीन तेंदुओं का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इससे ग्रामीणों में और दहशत फैल गई। भगियावाला गांव में भी नरेश सिंह के धान के खेत में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली। तेंदुए को देखकर किसानों में भगदड़ मच गई और वे खेत से बाहर निकल आए। यहां वन विभाग ने पहले से दो पिंजरे लगा रखे हैं।


16 पिंजरों से चल रहा अभियान
वन विभाग के डिप्टी रेंजर एमपी सिंह ने बताया कि सूचना मिलने वाले प्रत्येक स्थान पर टीम भेजकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में फिलहाल 16 पिंजरे लगाए गए हैं और अब तक चार तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। वन विभाग की टीमें लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्रों में कांबिंग कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले हर वीडियो पर भरोसा न करने की भी अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए से जुड़े कुछ एआई वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं, जिससे अनावश्यक भय का माहौल बन रहा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि तेंदुआ दिखाई देने पर खुद उसका पीछा करने या उसे घेरने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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