बिलारी। तहसील के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के सहायक को थाना मैनाठेर में दर्ज पथराव संबंधी रिपोर्ट में नामजद किए जाने पर वकीलों ने रोष जताया है। वकीलों ने अधिवक्ता के सहायक की नामजदगी को झूठा बताते हुए एसडीएम के माध्यम से एसएसपी को ज्ञापन भेजकर नामजदगी अलग किए जाने की मांग की है।
सोमवार सुबह तहसील परिसर में तहसील बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में एक अधिवक्ता ने बार पदाधिकारियों को बताया कि बीती 13 मार्च की दोपहर उनके सहायक आकिब उनके तहसील बिलारी स्थित चैंबर पर आए थे। दोपहर को आकिब ने अपने अधिवक्ता के साथ ही बिलारी नगर की कोल्ड स्टोर कॉलोनी में स्थित अरकान मरकज मस्जिद में जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी थी। जिस समय आकिब बिलारी की मस्जिद में थे उसी समय उनके पैतृक गांव रसूलपुर हमीर की मस्जिद के बाहर दो पक्षों में पथराव की घटना हो गई। एक पक्ष की ओर से थाना मैनाठेर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में गलत तरीके से आकिब को भी नामजद कर दिया जबकि रसूलपुर में हुई घटना के समय आकिब के बिलारी की मस्जिद में होने संबंधी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मौजूद है।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर पुलिस प्रशासन से मांग की गई कि थाना मैनाठेर में दर्ज की गई रिपोर्ट में शामिल आकिब का नाम हटाया जाए। बैठक के बाद तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एसडीएम विनय कुमार सिंह से मिले। इस दौरान एसडीएम के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद और पुलिस क्षेत्राधिकारी बिलारी को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आकिब का नाम दर्ज रिपोर्ट से हटाने की मांग की गई। एसडीएम से मिलने के बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीओ से मिलकर भी घटनाक्रम दोहराया। दोनों अधिकारियों ने दर्ज रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम से मिलने वालों में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह,महासचिव सुनील कुमार, कोषाध्यक्ष जबर सिंह,आनंद कुमार यादव, बिशन सिंह, अब्दुल कुददूस, परमजीत सिंह आदि मुख्य थे।