मुरादाबाद। अधिवक्ता शौकीन अली की हत्या के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। जिस कारण दूर दराज से आए वादकारी लौट गए।
नागफनी के जिगर कॉलोनी निवासी शौकीन अली मुरादाबाद कचहरी में 1999 से वकालत करते थे। सोमवार की सुबह उसकी लाश मझोला क्षेत्र में कुएं में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। इस घटना को लेकर वकीलों रोष है। बार के सचिव अभिषेक भटनागर ने बताया कि अधिवक्ता की हत्या के विरोध में मंंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया है। पुलिस अफसरों ने जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। अगर पुलिस इस मामले में जल्द खुलासा नहीं करती है तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
अधिवक्ताओं ने की शोकसभा
मुरादाबाद। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के सभागार में शोकसभा हुई, जिसमें अधिवक्ता शौकीन अली की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद बार के अध्यक्ष प्रदीप सिन्हा उर्फ बबली ने बताया कि हमारे साथी शौकीन अली एक जुझारू अधिवक्ता थे। शोकसभा में त्रिलोकचंद दिवाकर, नवाज इन्तेज़ार, सुगंधा सैनी, राजीव चौधरी, संजीव मोहन, सुशीलचंद गुप्ता, राज कुमार गोतम, शाइस्ता परवीन, नीरज सिंह सुरेश पाल सिंह, विजेंद्र सिंह, अनुज विश्नोई, तारा सिंह, आशकार हुसैन आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।संवाद