चेंबर का टीन शेड टूट गया था : सचिन चौधरी
अधिवक्ता सचिन चौधरी ने बताया कि वह पिछले आठ साल से खूब सिंह अधिवक्ता के साथ चेंबर पर बैठकर वकालत का पेशा कर रहे हैं। चेंबर की टीन शेड काफी टूट लगई थी। इस कारण से चेंबर की मरम्मत का काम चल रहा था। सुबह नाजिर जयवर्धन आए और उन्होंने काम रुकवा दिया। पचास हजार रुपये की मांग की। जिसे पूरा करने से हमने मना कर दिया था। जिसके बाद नाजिर ने जनपद न्यायाधीश को नया चेंबर बनाने की सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। सभी अधिवक्ता जिला जज के कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए थे, जहां से पुलिस बल का प्रयोग कर हमें भगा दिया गया।
सोमवार को होगा जनरल हाउस, रहेगी हड़ताल
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के महासचिव राकेश कुमार वरिष्ठ ने बताया कि शनिवार की घटना अत्याधिक दु:खद है। बार पदाधिकारियों का प्रतिनिधि मंडल जनपद न्यायाधीश से मिलने के लिए गया था, लेकिन वहां से देर शाम तक कोई जवाब नहीं मिला। हम सभी सौहार्द पूर्ण माहौल में वार्ता करना चाहते हैं लेकिन जनपद न्यायाधीश की ओर से कोई जवाब नहीं आने के कारण वार्ता नहीं हो पा रही है। इस घटना की जानकारी बार की ओर से चीफ जस्टिस समेत बार कौंसिल ऑफ इंडिया, बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश समेत अन्य अधिकारियों को दे दी गई है। सोमवार को इस मामले में जिला स्तर पर जनरल हाऊस बुलाया गया है। जिसमें जिले की समस्त तहसील एवं बाह्य न्यायालय से संबद्ध अधिवक्ता शामिल होंगे। सोमवार को जिले स्तर पर हड़ताल रहेगी।
आरोप को गलत बताया
नाजिर जयवर्धन ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हमारा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है अपनी गलती को छिपाने के लिए हमारे ऊपर गलत आरोप लगाया गया है। हम अभी इस मामले में कुछ नहीं कह सकते। चेंबर गलत तरीके से बनाया जा रहा था।
घटना की जानकारी मिलने पर मैंने मौके पर जाकर मुआयना किया। पढ़े लिखे लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती है। किसी अधिकारी या व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। इस मामले में केस दर्ज किया गया है। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम