मुरादाबाद। डीएम के शिकंजा कसने पर मायानगर सहकारी आवास समिति की जमीन की आडिट फिर शुरू हो गई। एसडीएम सदर के नेतृत्व में लेखपाल लाकड़ी फाजलपुर से लेकर सर्किट हाउस की जमीनों का वर्षों पुराना रिकार्ड खंगाल रहे हैं। आरोप है कि समिति के पदाधिकारियों की मिलीभगत से सौ करोड़ से अधिक जमीनों का घपला किया गया है।
डीएम राजेंद्र पैंसिया ने मायानगर सहकारी आवास समिति की जमीन के मामले में शिकायत मिलने पर शुक्रवार को रिपोर्ट तलब की थी। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अपर आयुक्त आवास के निर्देश पर तत्कालीन डीएम ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी लेकिन जांच ठप पड़ी है। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम प्रशासन को जमीनों की ऑडिट एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए। अब एसडीएम सदर के नेतृत्व में राजस्व की टीम समिति की लाकड़ी फाजलपुर से लेकर सर्किट हाउस तक की जमीनों का पूरा रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इस मामले में लेखपालों ने पहले काफी रिकार्ड इकट्ठा भी किया था। प्राथमिक जांच में आया कि समिति की जमीनों पर कई फैक्टरियां खड़ी हो गई हैं। इसके बदले में समिति को रामगंगा किनारे जमीन दी गई थी। आरोप था कि समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों ने फर्जी सदस्य बनाकर कई लोगों को प्लाट आवंटित कर दिए थे। प्लाट बेचने के लिए फर्जी डीड का इस्तेमाल किया गया था। यह मामला मंडलायुक्त द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में आया था। ताजा आदेश से
कुछ प्रापर्टी डीलर भी परेशान हो गए हैं।