मुरादाबाद। सफाई कर्मचारी नेता लल्ला बाबू द्रविड़ को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। सिविल लाइंस की जिगर कॉलोनी की भूमि को नगर निगम ने कब्जा मुक्त कराया था। इसके विरोध में लल्ला बाबू द्रविड़ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि 40 गज की जमीन का पट्टा उन्होंने 1993 में नगर पालिका से कराया था। इसके कागज भी उनके पास मौजूद हैं। लल्ला बाबू की इसी याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
नगर निगम के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अविनाश गौतम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस भूमि के लिए पैरवी की थी। इस याचिका को हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया और नगर निगम के पक्ष में फैसला दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर अब नगर निगम जल्द ही इस भूमि को कब्जा मुक्त कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही बुलडोजर की कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस जमीन की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक की है। कर्मचारी नेता ने इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था और इसे किराये पर दे रखा था।
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर निगम अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराएगा। वहीं, लल्ला बाबू द्रविड़ से जब इस संदर्भ में पूछा गया तो उन्होंने याचिका खारिज होने की जानकारी न होने की बात कही।