मझोला थाने में 10 अगस्त को संदीप सिंह द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें बताया गया था कि 10 अगस्त की शाम करीब छह बजे नया मुरादाबाद स्थित सोसायटी में अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि अनुज के साथी पुनीत चौधरी को भी गोली मारकर घायल कर दिया गया था।
इस मामले में अमित कुमार, पुष्पेन्द, अनिकेत, प्रभाकर सिंह और कुछ अन्य लोगों को केस में आरोपी बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने कमलवीर सिंह, ललित कौशिक, अनिकेत, प्रभाकर, अमित कुमार, पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ भूरा, सत्येंद्र सिंह, सूर्यकांत उर्फ शानू, आकाश, नीरज पाल, सुशील शर्मा, उर्फ गोलू, और मोहित चौधरी को आरोपी बनाया है। मुकदमे की सुनवाई एडीजे सात की अदालत में की जा रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नीलम वर्मा ने बताया कि इस मामले आरोपी ललित कौशिक और सत्येंद्र चौधरी ने आरोप पत्र के खिलाफ डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें ललित और सत्येंद्र ने झूठा फंसाने की बात कही। अदालत ने अभियोजन पक्ष और आरोपी के वकील की बहस सुनने के बाद डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए गए हैं।
यह है पूरा मामला
मुरादाबाद। भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड के पीछे राजनीतिक रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते इस हत्याकांड को शूटरों द्वारा अंजाम दिया गया था। साजिश रचने में शामिल रहे असमोली ब्लॉक की प्रमुख संतोष देवी के पति प्रभाकर सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रभाकर पर बीस हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने दावा किया था कि प्रभाकर ने अपने बयानों में बताया था कि अनुज चौधरी से ब्लाॅक प्रमुख चुनाव को लेकर रंजिश थी। जिसकी हत्या कराने के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी शूटरों को दी गई थी। जिन्हें एडवांस मे छह लाख रुपये भी दे दिए गए थे।