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Moradabad News: पार्किंग का अभाव, ई-रिक्शाओं का दबाव..जाम में घिर रहीं सड़कें

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मुरादाबाद। शहर के प्रमुख बाजारों में बुधवार को दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। गंज बाजार, बुध बाजार, डॉ. एस. कुमार चौराहे, टाउन हाल समेत अन्य बाजारों में अलग-अलग समय पर जाम लगा रहा। इसकी वजह से वाहन चालकों, राहगीरों और बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन आधे घंटे तक रेंगते रहे। व्यापारियों और दुकानदारों का कहना है कि पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने, सड़क पर ई-रिक्शों का दबाव और ट्रैफिक प्रबंधन के अभाव में जाम अब रोज की समस्या बन गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
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गंज बाजार : दोपहर 2:00 बजे

-गंज बाजार में दोपहर करीब दो बजे जाम लगा। करीब 2:30 बजे के बाद लोगों को राहत मिली। बाजार में ई-रिक्शाओं समेत अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दुकानदार मनोज कुमार का कहना है कि यहां पर दिन में कई बार जाम लगता है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती है। जिससे मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

डॉ. एस कुमार चौराहे : 2:30 बजे

-डॉ. एस कुमार चौराहे पर दोपहर करीब 2:30 बजे अधिक संख्या में ई-रिक्शाओं के आने पर जाम लगा। चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं थी। आमने-सामने वाहनों के फंसने से यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। दुकानदार मोहम्मद रियाज का कहना है कि दिन में कई बार जाम लगता है। चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं होने से स्थिति और बिगड़ जाती है।
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बुध बाजार : 8:00 बजे

-बुध बाजार में रात करीब 8:00 बजे जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर और बीच में खड़े वाहनों के कारण रास्ते की चौड़ाई कम हो गई थी। इसकी वजह से लोगों को वाहन निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाजार में खरीदारी करने आए लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा।

टाउन हॉल : 7:30 बजे

-टाउन हॉल पर शाम 7:30 भारी संख्या में ई-रिक्शा के पहुंचने से जाम की स्थिति बन गई। इसकी वजह से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। दुकानदार अंकुर गुप्ता कहना है कि हर रोज जाम लगता है। ई-रिक्शाओं की भीड़ अधिक रहती है। ई-रिक्शआों के लिए जोन व्यवस्था लागू करने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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लोग बोले...

-रोजाना दोपहर के समय जाम लगना आम बात हो गई है। भारी संख्या में ई-रिक्शाओं के आने पर लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है-श्याम गुप्ता, दुकानदार, गंज बाजार

-जाम की समस्या शाम को सबसे ज्यादा होती है। लोगों का निकलना काफी मुश्किल हो जाता है। जाम के दौरान ग्राहक बाजार में आना नहीं चाहते हैं। दुकानदारी काफी प्रभावित होती है।-संजय गुप्ता, दुकानदार, गंज बाजार

-शाम पांच बजे से रात 8:30 बजे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े होने से रास्ता संकरा हो जाता है। ग्राहक भी जाम की वजह से बाजार आने से बचते हैं।-दीपक कत्याल, दुकानदार, बुध बाजार

-रोजाना जरूरी कामों के लिए समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार आधे घंटे से ज्यादा समय जाम में निकल जाता है। ई-रिक्शाओं के लिए जोन की व्यवस्था और अतिक्रमण पर सख्ती करनी चाहिए।-अरबाज, दुकानदार, टाउन हाल

-कई साल से जाम लग रहा है लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकला। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, फिर भी हालात जस के तस हैं।-अंकुर मेहता, दुकानदार, टाउन हाल

-चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं होने से ई-रिक्शा और अन्य वाहन आमने-सामने फंस जाते हैं। कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है। जाम को खुद खुलवाना पड़ता है।-तंजीम, दुकानदार, डॉ. एस कुमार चौराहा

-ई-रिक्शा चालक बीच सड़क पर सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे पीछे लंबी लाइन लग जाती है। ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं होने से जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है।-सावेज पठान, दुकानदार, डॉ. एस कुमार चौराहा
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वर्जन...
-शहर के बाजारों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। जैसे ही कहीं जाम की सूचना मिलती है, पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात सुचारू कराती है। कई बार अचानक ई-रिक्शाओं की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति बन जाती है। जिसे जल्द से जल्द खत्म कराने का प्रयास किया जाता है।-मिथिलेश कुमार, टीआई
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