बच्चे के मुंह पर लगी टेप से समीर तक पहुंची पुलिस
अमरोहा। नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के बीलना गांव निवासी किराना व्यापारी महताब के बेटे ताबिश (5) का शव मिलने के बाद उसके मुंह पर लगा टेप वारदात के खुलासे में पुलिस के लिए मददगार बन गया। शव देखने के बाद एसपी सुनीति ने टेप विक्रेताओं से पूछताछ के लिए अलग-अलग टीमें भेजीं। पूछताछ में पुलिस की एक टीम उस दुकानदार तक पहुंच गई, जहां से समीर ने टेप खरीदा था।
दुकानदार ने यह भी बताया कि शुरुआत में जो टेप समीर को दिया, उसे समीर ने कम चौड़ा बताकर खारिज कर दिया। कहा कि उसे चौड़ा टेप चाहिए। इस जानकारी से पुलिस का रुख सीधे समीर की ओर हो गया। तत्काल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में पुलिस को दूसरी बातों में उझाने की कोशिश की। शुरूआत में पुलिस ने ज्यादा सख्ती नहीं की लेकिन बुधवार को शव मिलने के बाद खोजी कुत्ते के समीर के कारखाने के करीब तक जाने और कारखाने की छत पर बच्चे की एक चप्पल मिलने से पुलिस का रुख बदल गया। इसके बाद सख्ती से की गई पूछताछ में समीर टूट गया और उसकी गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने वारदात में उसके साथ रहे अराफात तक पहुंचने में भी कामयाब हो गई।
बच्चे के चेहरे पर लगे टेप को आधार बनाकर कड़ी से कड़ी जोड़ने की यही कोशिश बच्चे का शव मिलने के दस घंटे बाद ही मामले के खुलासे में मददगार बन गई।
पुलिस को पता चला है कि जींस-जैकेट कारखाना चलाने वाले समीर पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज था। उसके दोस्त अराफात को मुंबई में कारपेंटर के काम में कामयाबी नहीं मिल रही थी। किसी के प्रेम में फंसे अराफात ने प्रेमिका को प्रभावित करने के लिए भी अपने खर्चे बढ़ा लिए थे। दोनों ने पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए घातक पटकथा लिख डाली। बच्चे को अगवा करने के कुछ समय बाद ही पुलिस की सक्रियता देख खुद को बचाने के लिए बच्चे को मौत के मुंह में पहुंचाने तक से भी दोनों के कदम नहीं ठिठके।
बताते हैं कि समीर मूलरूप से बिजनौर के शिवाला कलां का रहने वाला है। वह कई साल पहले बीलना गांव में अपनी ससुराल में आकर रहने लगा था। मंगलवार को घर से खेलने निकले मासूम को अगवा कर समीर अपने कारखाने में ले आया था। वहां पहले से मौजूद अराफात ने उसके मुंह पर टेप चिपकाई थी। दोनों ने कारखाने में बैठकर फिरौती का पत्र लिखा। महताब के दरवाजे पर पत्र डालने के बाद जब बच्चे की तलाश में तेजी देखी तो दोनों घबरा गए। इसी बीच ताबिश ने कारखाने से भागने के लिए संघर्ष किया तो दोनों ने मिलकर उसका मुंह दबा दिया। टेप से बंद मुंह दबाए जाने से उसका दम घुट गया। उसकी मौत हो जाने पर शव को कारखाने के करीब की मस्जिद के गुंबद में डाल आए।