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कुंदरकी उपचुनाव: बसपा के मैदान में उतरने से बदलेंगे दलों के समीकरण, भाजपा और सपा में टिकट को लेकर दौड़

Fri, 12 Jul 2024 05:16 PM IST
विमल शर्मा मोहम्मद सलाम खां, अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

यूपी में विधानसभा उपचुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मुरादाबाद की कुंदरकी सीट पर भी दावेदारों की दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की दौड़ शुरू हो गई है। इस सीट पर चुनाव जीतने वाले सपा विधायक जियाउर्रहमान बर्क अब संभल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई है। 
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सीएम योगी, अखिलेश यादव और मायावती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बसपा के उपचुनाव में उतरने से कुंदरकी विधानसभा सीट के भी समीकरण बदल जाएंगे। दूसरे दलों के सियासी खेल बिगड़ सकते हैं। ऐसे में उपचुनाव में कूदने से पहले राजनीतिक दलों ने नए सिरे से तैयारियों पर मंथन शुरू कर दिया है।  कुंदरकी सीट पर  बसपा को आखिरी बार 2007 में जीत मिली थी।

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वर्ष 2022 में कुंदरकी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर सपा विधायक बने जियाउर्रहमान बर्क को सपा ने लोकसभा चुनाव में संभल सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में जीत दर्ज कर जियाउर्रहमान बर्क अब विधायक से सांसद बन गए। उनके विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद कुंदरकी विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव होना है।

हालांकि अभी उपचुनाव को लेकर कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। कुंदरकी विधानसभा सीट को लेकर भाजपा ने प्रभारी तैनात कर दिए हंैं। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक अपनी फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है।
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वहीं सपा से टिकट के लिए 12 से अधिक लोगों ने दावेदारी भी पेश कर दी है। भाजपा और सपा की तैयारियों के बीच बसपा के भी चुनाव मैदान में उतरने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मंडल स्तर पर बसपा पदाधिकारियों ने बैठकें भी करनी शुरू कर दी हैं।  
बसपा के चुनाव में उतरने के संते पर भाजपा और सपा में नए सिरे से सियासी मंथन शुरू हो गया है। वहीें बसपा दो बार कुंदरकी सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है। पिछले चुनाव में बसपा तीसरे स्थान पर रही।

दावेदारों की नजर बसपा पर भी
भाजपा और सपा से टिकट के दावेदारों की नजर अब बसपा पर भी है। दोनों के दावेदारों ने अंदर खाने बसपा के बड़े नेताओं से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है। ताकि अपने दल से टिकट नहीं मिलने की स्थिति में बसपा का विकल्प आजमाया जा सके। 

बसपा का दलित-मुस्लिम समीकरण बन सकता है दलों के लिए चुनौती
बसपा का दलित-मुस्लिम समीकरण दूसरे दलों के लिए चुनौती बन सकते हैं। बसपा इसकी समीकरण के दम पर कुंदरकी विधानसभा सीट पर दो बार जीत दर्ज कर चुकी है। बसपा के टिकट पर हाजी अकबर दो बार विधायक बने।

आठ जोन बनाकर बसपा ने सौंपी जिम्मेदारी
मंडलीय कार्यालय पर बृहस्पतिवार को बसपा की मंडल स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें कुंदरकी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई। उपचुनाव को जीतने की रणनीति बनाई गई है। साथ ही कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र को आठ जोन में बांटकर नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुनील आजाद और संचालन जिला महासचिव चंद्रपाल सैनी ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी मुनकाद अली, पूर्व सांसद गिरीश चंद्र, डॉ. रणविजय सिंह, निर्मल सिंह सागर, मुकेश, सतपाल कश्यप, रामकुमार गुलाब, संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।

2022 के विधानसभा चुनाव के परिणाम
दल                प्रत्याशी                      मत मिले
सपा                 जियाउर्रहमान           125792
भाजप               कमल कुमार            82630
बसपा               हाजी रिजवान           42742
कांग्रेस               दरक्शा बेगम           1716 
एआईएमआईएम    मोहम्मद वारिस     14251
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कुंदरकी सीट पर अब तक दलों का प्रदर्शन
वर्ष          दल            विजयी प्रत्याशी
2022      सपा          जियाउर्रहमान बर्क 
2017      सपा          हाजी रिजवान 
2012      सपा          हाजी रिजवान
2007      बसपा        अकबर हुसैन
2002      सपा          हाजी रिजवान
1996      बसपा        अकबर हुसैन
1993      भाजपा       चंद्र विजय सिंह 
1991      जद           अकबर हुसैन 
1989      जद           चंद्र विजय सिंह 
1985      कांग्रेस        रीना कुमारी
1980    जेपीएन एसआर   अकबर हुसैन 
1977     जेएनपी         अकबर हुसैन
1974     कांग्रेस           इंद्र मोहिनी          
1969    भा क्रांति दल   महीलाल     
1967    निर्दलीय         महीलाल
 
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