कुंदरकी उपचुनाव में हाथी पर केतली भारी पड़ी। दलित बहुल गांवों में सांसद चंद्रेशखर का प्रभाव दिखा। उनकी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाती दिखी। उपचुनाव में दोनों दलों ने मुस्लिम उम्मीदवारों पर दांव लगाया था। नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने आसपा प्रमुख चंद्रशेखर ने उपचुनाव में भी प्रत्याशी उतारने का एलान किया था।
नेता प्रतिपक्ष विधानसभा माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि कुंदरकी में भाजपा के इशारे पर पुलिस ने गुंडई की है। लोगों के घरों के बाहर बैरिकेडिंग कर मतदान के लिए निकलने ही नहीं दिया गया। सपा कार्यालय पर बुधवार को प्रेसवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुंदरकी में ग्राम प्रधानों और कोटेदारों के जरिये लोगों के आधार कार्ड, आईडी कार्ड ले लिए गए।
सपा प्रत्याशी के बाद एआईएमआईएम प्रत्याशी ने भी चुनाव आयोग को पत्र भेजकर कुंदरकी उपचुनाव की मतगणना के बहिष्कार का एलान किया है। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए लोकतंत्र का चीरहरण किया है।
एआईएमआईएम के प्रत्याशी हाजी मो. वारिस और जिलाध्यक्ष मोहिद फरमानी ने प्रदेश और केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र भेजकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में प्रत्याशी की तरफ से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण पार्टी ने मतगणना के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रिजवान अली ने पहले खुद के लिए क्षेत्र में वोट मांगे, लेकिन बुधवार को मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह के समर्थन में उतर आए। उन्होंने कहा कि अब भाजपा को अपने क्षेत्र से जितवाऊंगा।
प्राइमरी स्कूल खबरिया भूड़ पर निर्दलीय प्रत्याशी रिजवान अली ने कहा कि वह भाजपा प्रत्याशी के व्यवहार से प्रभावित होकर उनका समर्थन कर रहे हैं। पहले इस क्षेत्र से सपा का उम्मीदवार जीतता था, लेकिन इस बार उल्टा होगा। हम भाजपा प्रत्याशी को चुनाव जिताएंगे।
एक अन्य भाजपा समर्थक नवाब अली ने बताया कि वह भी भाजपा के लिए वोट मांग रहे हैं। इस मतदान केंद्र पर तीन बजे तक 50 फीसदी से ज्यादा मतदान हो चुका था।