तहसील सभागार में दिए गए प्रशिक्षण के दौरान प्रशासन की ओर से जहां नई व्यवस्था के उद्देश्य व फायदे बताए गए वहीं कोटेदारों ने उसकी व्यावहारिक कमियों की ओर भी प्रशिक्षकों का ध्यान दिलाया। कोटेदार प्रमोद गुप्ता ने मशीन के बैकअप कम होने के प्रति प्रशिक्षकों का ध्यान खींचा। कोटेदार ने ई-पॉश मशीन को वाईफाई से संचालित करने में आने वाली दिक्कत, नेटवर्क की समस्या की ओर भी ध्यान खींचा। कोटेदारों ने कहा कि जब तक एक उपभोक्ता का राशन नहीं तुल जाएगा तब तक दूसरे उपभोक्ता का अंगूठा मशीन वेरिफाई करेगी। इससे वितरण में देरी होगी। पहले जहां 200 से अधिक उपभोक्ताओं को राशन वितरण एक कोटे की दुकान से होता था अब करीब आधा रह जाएगा। इस पर एआरओ राहुल देव ने बताया कि पहले महीने इसमें कोटेदारों को कुछ दिक्कत जरूर आएगी लेकिन बाद में समस्या का समाधान हो जाएगा।
इस मौके पर कोटेदार मुन्नालाल यादव, होरीलाल सागर, दिव्यांशु, महिपाल सिंह, विवेक कुमार, अंकित, पुष्प, कामेश, रविंद्र ठाकुर आदि कोटेदार मौजूद रहे।