आरटीई के तहत 40 स्कूलों की शुल्कप्रति पूर्ति की धनराशि खाता गलत होने की वजह से लौट गई है। बीएसए का कहना है कि स्कूलों से दोबारा खाता संसोधित कर मंगवाया जा रहा है, ताकि धनराशि भेजी जा सके।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की निशुल्क पढ़ाई के लिए उनके दाखिला निजी स्कूलों में आरटीई के तहत होते हैं। इसके एवज में सरकार उन विद्यालयों शुल्कप्रतिपूर्ति भेजती है। 30 मार्च को मुरादाबाद जनपद में 430 विद्यालयों छह करोड़ 66 लाख रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में भेजे गए थे। लेकिन कुछ स्कूलों के खातों की केवाईसी अपेडट न होने, कुछ के खाते सक्रिय न होने और कुछ स्कूलों के खातों का आईएफएससी कोड गलत होने की वजह से वह धनराशि खातों से लौट गई। बताया जाता है कि मुरादाबाद जनपद के सभी ब्लॉक के 40 विद्यालय हैं। इसमें सबसे ज्यादा मुरादाबाद नगर, बिलारी, छजलैट और भगतपुर ब्लॉक के हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार का कहना है कि इन सभी स्कूलों की कितनी धनराशि वापस लौटी है, इसकी जानकारी की जा रही है। सभी स्कूलों से उनके सही खाते मंगवाए जा रहे हैं। संशोधित कर दोबारा धनराशि भेजने के लिए 30 दिन का समय मिलता है। 30 अप्रैल तक सभी विद्यालयों को शुल्क प्रतिपूर्ति भेज दी जाएगी।