मुरादाबाद के भगतपुर इलाके के बिलावाला गांव के रहने वाले छात्र मोहम्मद जैद ने राजस्थान के कोटा में खुदकुशी कर ली। वह कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। जैद के पिता उस्मान मलिक खेती करते हैं। जैद दो साल से कोटा में था।
कोटा में कोचिंग संस्थानों और बच्चों के मन की रहस्यमयी उथल पुथल ने मुरादाबाद मंडल को यह तीसरा झटका दिया है। मुरादाबाद निवासी मो. जैद से पहले रामपुर निवासी बहादुर सिंह व मनजोत छाबड़ा (17) ने भी कोटा में आत्महत्या कर ली थी। बहादुर वहां जेईई और मनजोत नीट की तैयारी करने गया था।
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रोते बिलखते परिवारों को अपने बच्चों के शव प्राप्त हुए थे। अब जैद के परिजन भी इस घटना से स्तब्ध हैं, किसी से अपना दुख साझा करने के लिए शब्द भी नहीं जुटा पा रहे हैं। ज्ञात हो कि ये तीनों छात्र अपनी कक्षाओं में स्कूल के टॉपर रहे। इसके बाद कोटा पहुंचकर इनके जीवन में पढ़ाई या अन्य मुद्दों को लेकर ऐसी हलचल हुई, जिसने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
वहीं मानसिक रोग विशेषज्ञों की मानें तो कोई भी व्यक्ति आत्मघाती कदम उठाने से पहले संकेत जरूर देता है। जरूरत है कि परिजन या दोस्त उसे समझें और समस्या पर खुलकर चर्चा करें। मनजोत के साथियों ने भी बताया था कि कोटा में आत्महत्या करने वाले छात्रों की सूची में अगला नाम उसका होगा लेकिन दोस्तों ने उसे मजाक समझा था।
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बहादुर सिंह ने भी फोन पर अपनी मां किरन को सहपाठी के साथ हुए झगड़े की जानकारी दी थी, जिसके बाद मां ने उसे समझाया था। हालांकि उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी कि बेटा आत्महत्या कर लेगा।
कोटा में नीट की तैयारी कर रहे मुरादाबाद के छात्र ने की आत्महत्या
मुरादाबाद के भगतपुर इलाके के बिलावाला गांव के रहने वाले छात्र मोहम्मद जैद ने राजस्थान के कोटा में खुदकुशी कर ली। वह कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। जैद के पिता उस्मान मलिक खेती करते हैं। जैद दो साल से कोटा में था।
कोटा के डीएसपी भवानी सिंह के मुताबिक घटना मंगलवार रात की है। जैद जवाहर नगर थाना क्षेत्र के न्यू राजीव गांधी नगर इलाके के कंचन हॉस्टल में रहता था। मंगलवार सुबह से देर शाम तक उसने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। इससे आसपास के छात्रों को आशंका हुई।
मंगलवार रात में छात्रों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो जैद का शव फंदे से लटका था। हॉस्टल संचालक को सूचना देने के साथ जैद को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मंगलवार रात जानकारी मिलते ही जैद के पिता कोटा पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बेटे को किसी तरह की परेशानी नहीं थी। समझ में नहीं आ रहा है कि उसने ऐसा कदम क्यों उठा लिया। उन्होंने बताया कि बड़ा बेटा राजा भी यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। वह गांव में ही रहता है।
दिसंबर तक कोटा में 28 विद्यार्थियों ने दी जान
पुलिस ने बताया कि इस साल कोटा में छात्र की आत्महत्या करने का यह पहला मामला है। पिछले साल 28 कोचिंग छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या कर ली थी।