संदीप चौहान परिजनों के साथ
इंटरमीडिएट तक की शिक्षा रामपुर में ग्रहण कर संदीप ने तकनीकी शिक्षा बाहर से ग्रहण की। संदीप इसरो से जुड़कर लगातार इसरो के विभिन्न मिशन में अपना योगदान दे रहे हैं। चंद्रयान दो में उन्होंने लांचिंग पैड और जीएसएलवी मार्क-3 की टीम सदस्य बनने से पहले इसरो में अपने कार्य की शुरुआत भी चंद्रयान मिशन एक से ही की थी। इसके अलावा वो करीब 70 अभियानों में भागीदारी कर चुके हैं।
पीएसएलवी-सी-40 के सफल प्रक्षेपण, मिशन चंद्रयान-एक, दस सैटेलाइट प्रक्षेपण, अंतरिक्ष में फ्रांस की सैटेलाइट की स्थापना, यूरोप से जीसेट-12 की अंतरिक्ष में स्थापना, मंगलयान के सफल प्रक्षेपण में भी योगदान, पीएसएलवी-सी-35 समेत कई अभियान में संदीप अहम हिस्सा रहे हैं। संदीप चौहान के बड़े भाई डॉ. कुलदीप चौहान ने बताया कि संदीप की कामयाबी पर उन्हें गर्व महसूस होता है क्योंकि पिता जी ने सेना में रहकर देश की सेवा की और संदीप विज्ञान के क्षेत्र में देश की सेवा कर रहा है।