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भाजपा नेता और पुलिस अफसर का नाम सामने आते ही ठिठक गए खाकी के कदम

Wed, 30 Sep 2020 02:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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शिक्षक अशोक चौधरी - फोटो : अमर उजाला
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पाकबड़ा के शिक्षक हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी पुलिस के कदम ठिठक गए हैं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल की मदद से जिन तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी उन्हें भी छोड़ दिया गया है। शिक्षक अशोक चौधरी के परिवार ने आरोप लगाया है कि ये तीनों युवक भाजपा के एक नेता के बेहद करीबी हैं।

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उनका आरोप है कि भाजपा नेता और मुरादाबाद में तैनात रह चुके एक पुलिस अफसर की नजदीकी थी और घटना वाली रात को दोनों उसी क्षेत्र में साथ साथ घूम रहे थे जहां शिक्षक लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले थे। 

आरोप है कि इसके चलते पुलिस की जांच ठिठक गई है और मामले को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। बिलारी आईटीआई कालेज शिक्षक पाकबड़ा थानाक्षेत्र के गुरैठा गांव निवासी अशोक चौधरी तीन अगस्त 2020 की रात  पाकबड़ा क्षेत्र में कैलसा रोड पर एक भट्ठे में चौकीदार के कमरे में लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले थे।
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उनकी बाइक भी पास में ही खड़ी मिली थी तथा मोबाइल भी पास ही तख्त पर रखे मिले थे। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आठ अगस्त को शिक्षक की मौत हो गई थी। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने केस में 302 की धारा तरमीम कर ली, लेकिन हत्याकांड का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।

परिजन, शिक्षक संघ और जाट सभा हत्याकांड के खुलासे कराने की मांग को लेकर  कई बार अफसरों से मिल चुके हैं। बावजूद इसके पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पाकबड़ा पुलिस और एसओजी की टीम हत्याकांड के खुलासे में जुटी हैं।

पूछताछ में कुछ खास नहीं मिला
शिक्षक हत्याकांड में पुलिस टीम तफ्तीश में जुटी हैं। हर एंगल पर जांच चल रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में कुछ खास नहीं मिल पाया है।
- प्रभाकर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

आरोप--रसूखदारों के नाम आने से पुलिस बैकफुट पर
संदेह के घेरे में आए लोगों से पुलिस कड़ाई से पूछताछ नहीं कर रही है। पुलिस ने कुछ दिन इस केस में काम किया था। जिसके बाद परतें खुलनी शुरू हो गई थी। लेकिन रसूखदार लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई है। 
- हरिओम चौधरी, शिक्षक अशोक चौधरी के भाई

बचाव--दिन रात जुटी हैं पुलिस टीमें
हत्याकांड की जांच में पुलिस टीमें दिन रात जुटी हैं। हर एंगल पर तफ्तीश की जा रही है। कई लोगों से भी पूछताछ की जा चुकी है। मोबाइल कॉल डिटेल से भी कोई मदद नहीं मिल पाई है। क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। उस होटल वाले से पूछताछ की गई। जिस होटल से खाना खाने के बाद शिक्षक अपने घर के लिए चले थे।
- रजनी द्विवेदी, प्रभारी, पाकबड़ा थाना
 

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अचानक बदल गई तफ्तीश की दिशा

पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया था। कई दिन तक इन युवकों से पूछताछ भी की गई। इन युवकों पर न तो परिवार के किसी सदस्य को शक था और न ही न ही इनके खिलाफ कोई तहरीर दी गई थी। पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी तो तीनों युवकों की लोकेशन उसी क्षेत्र में मिली जिस क्षेत्र में शिक्षक घायल अवस्था मिले थे। शिक्षक के भाई हरिओम चौधरी और अन्य परिजनों का आरोप है कि तफ्तीश तेजी से सही दिशा में चल रही थी, लेकिन अचानक तीनों युवक का कनेक्शन भाजपा के एक नेता से निकलने के बाद पुलिस के कदम ठहर गए। 

परिवार ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता की लोकेशन भी उस रात उसी क्षेत्र में थी। भाई का आरोप है कि तीनों युवक घटना वाली रात भाजपा नेता और एक पुलिस अफसर के साथ मौजूद थे। परिवार का आरोप है कि भाजपा नेता और शिक्षक के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। ऐसे में पुलिस की दिशा तो सही थी पर संदेह के घेरे में आए लोगों से अब पुलिस कड़ाई से पूछताछ ही नहीं कर रही है। अगर पुलिस इस मामले में तेजी दिखाए तो हत्याकांड का खुलासा हो जाएगा।
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