मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर लगाई गई दस दिवसीय मंडलीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का बुधवार सायं शुभारंभ हो गया। बोर्ड के उपाध्यक्ष रामगोपाल अंजान ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने चरखे से सूत काता और स्टालों का भ्रमण कर उत्पादों का निरीक्षण कर सराहना की। इस मौके पर उन्होंने शीघ्र मंडल का दूसरा प्रशिक्षण केंद्र मुरादाबाद अथवा संभल में खोले जाने व अगले शैक्षिक सत्र से प्रदेश के 150 ब्लाकों के स्कूलों में खादी से निर्मित ड्रेसों का वितरण किए जाने का प्रयास किए जाने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव से जुड़े लोगों को मजबूत करने का काम कर रही है। सरकार इस मंशा से काम कर रही है कि वह सबको नौकरी तो नहीं दे सकती, लेकिन उन्हें नौकरी देने लायक बना देना चाहती है। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा चालू किए गए पांच कंबल कारखानों को पूर्व की सरकारों ने बंद करा दिया था, जिसे चालू किया गया है। इन कारखानों से उत्पादित कंबलों की क्वालिटी न सिर्फ काफी बेहतर है बल्कि यह किफायती मूल्य पर उपलब्ध हैं। विभाग की भावी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड का प्रयास है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के दो ब्लाकों के स्कूलों के बच्चों को जो ड्रेस उपलब्ध कराई जाती है वह भी खादी की ही उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 10 स्थानों पर प्रशिक्षण केंद्र हैं। इनमें से मुरादाबाद मंडल के नजीबाबाद में एक प्रशिक्षण केंद्र पहले से है, लेकिन मुरादाबाद और उसके आसपास के दो तीन जिलों के लोगों को वहां पहुंच कर प्रशिक्षण प्राप्त करने में दिक्कत हो रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए मुरादाबाद अथवा संभल में भी एक प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने भूमि की तलाश शुरू कर दी है। ताकि मुरादाबाद और उसके आसपास के दो तीन जिलों के ग्रामीण नौजवान प्रशिक्षण प्राप्त कर ख्रुद रोजगार से जुड़ने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकें।
कार्यक्रम को मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी व जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने भी संबोधित करते हुए खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उद्देश्य व उनकी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उससे लाभ उठाने की अपील की। इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, हेमंत चौधरी, अनिल कुमार सिंह, डिंपल सिंह आदि मौजूद रहे।
लकड़ी के फ्लास्क रहे आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में यूं तों हस्त निर्मित लगभग सभी उत्पाद कुछ न कुछ खासियत रखते हैं लेकिन मै. सैफी काष्ट ढोलक उद्योग चकली अमरोहा के स्टाल में ढोलक के साथ लकड़ी के बने फ्लास्क आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा मै. अलगज हैंडी क्राफ्ट ग्राम अफजलपुर मुरादाबाद के स्टाल पर ब्रास एवं तांबे के बने चम्मच और वाराणसी के स्टाल में मौजूद वाराणसी सिल्क से बनी साड़ियां आकर्षण का केंद्र बने रहे।