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मुरादाबाद में बोले प्रमोद कृष्णम: इस्लामिक हमला कहने से कतराते हैं राहुल गांधी, ओवैसी को बताया बेहतर

Wed, 30 Apr 2025 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांठ (मुरादाबाद)

सार

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पहलगाम हमले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि धर्म पूछकर पर्यटकों की हत्या शर्मनाक है। उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी पर भारत विरोधी ताकतों का परोक्ष समर्थन करने का आरोप लगाया। कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब दे।
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कांठ में दीप प्रज्ज्वलित करते आचार्य प्रमोद कृष्णम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। कांठ में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने धर्म पूछकर निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया, जो बेहद शर्मनाक है।

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उन्होंने कहा कि देश में कुछ नेता ऐसे हैं जो खुले तौर पर भले पाकिस्तान का समर्थन न करें, लेकिन अंदर ही अंदर उसके पक्ष में खड़े नजर आते हैं। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी जैसे नेता भारत विरोधी ताकतों का परोक्ष रूप से समर्थन कर रहे हैं।

प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहलगाम हमले को इस्लामिक कट्टरपंथियों का हमला कहने से भी कतराते हैं। उन्होंने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी चाहे सनातन और हिंदुत्व के विरोधी हों, लेकिन जब बात हिंदुस्तान और पाकिस्तान की आती है तो वह देश के पक्ष में खड़े नजर आते हैं।
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उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कहने और करने में हमेशा विरोधाभास रहा है। वे ऊपर से कुछ और होते हैं और दिल में कुछ और रखते हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने केंद्र सरकार से अपील की कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए।

पहलगाम की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को कमजोर समझने की भूल पाकिस्तान और उसके समर्थकों को भारी पड़ेगी।

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भगवान परशुराम क्षत्रियों के नहीं, अहंकारी राजाओं के शत्रु थे: आचार्य प्रमोद
ब्राह्मण समाज ने बुधवार को भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन वैदिक मंत्रों के साथ भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की गई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए ब्राह्मण समाज से एकजुट रहने की अपील की। मुख्य अतिथि कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि समाज में यह भ्रांति फैलाई गई है कि भगवान परशुराम क्षत्रियों के शत्रु थे, जबकि वे केवल अहंकारी और अधर्मी राजाओं के विरोधी थे।

उन्होंने कहा कि ब्रह्म को जानने वाला ही सच्चा ब्राह्मण होता है, केवल शास्त्रों को रटने से काम नहीं चलेगा, उन्हें समझकर पढ़ना चाहिए। आचार्य प्रमोद ने कहा कि भगवान परशुराम साक्षात पूर्ण अवतार और चिरंजीवी हैं। कलियुग के अंत में जब भगवान कल्कि का अवतार होगा, तब परशुराम उनके गुरु बनकर उन्हें शिक्षा और दीक्षा देंगे।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का राष्ट्र के प्रति समर्पण ऐतिहासिक रहा है और यह परंपरा आज भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने जातिवाद को नकारते हुए कहा कि मनुस्मृति में जातिवाद का कोई प्रमाण नहीं है, इसलिए समाज को केवल हिंदू बनकर राष्ट्र के लिए कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एकता ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भेड़-बकरियों का समाज कभी राष्ट्र निर्माता नहीं बन सकता। गोष्ठी में बनारस से आए डॉ. महिम तिवारी, महामंडलेश्वर हरिमोहन दास, कार्यक्रम अध्यक्ष व भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा, ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि माधव मिश्र ने भी अपनी बात रखी।

 राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महेश चंद्र शर्मा और मंडलाध्यक्ष संजीव सारस्वत ने भी ब्राह्मण समाज को संगठित रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन महासभा के क्षेत्रीय जिलाध्यक्ष आचार्य भावेश शर्मा ने किया।
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