मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी जल्द ही कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर सकती है।
इसके लिए जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े इस मामले में ईडी अब तक कई महत्वपूर्ण तथ्य जुटा चुकी है।
इससे पहले ईडी जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्ति भी कुर्क कर चुकी है। सपा नेता आजम खां इस समय जेल में बंद हैं। जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में ईडी की ओर से टांडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं, धनशोधन मामले की जांच कर रही ईडी अपनी पड़ताल पूरी करने की तैयारी में है।
ईडी की जांच में जौहर विश्वविद्यालय परिसर में स्थित 38 भवनों के निर्माण की लागत 426.46 करोड़ रुपये आंकी गई है। ईडी के मुताबिक, इन भवनों और जमीन की वर्तमान बाजार कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये है। धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत इन संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
जांच में ईडी को विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए किसानों की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा किए जाने के आरोपों से जुड़े तथ्य भी मिले हैं।
ईडी दावा कर चुकी है कि आजम खां के प्रभाव का इस्तेमाल कर किसानों की जमीन पर कब्जा किए जाने और उसे विश्वविद्यालय परिसर में शामिल करने के आरोपों की जांच की गई है। अब इस मामले की जांच पूरी होने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही चार्जशीट दाखिल हो सकती है।